Jabalpur News:जबलपुर। रेस कोर्स संचालन की तैयारी के तहत हैदराबाद से जबलपुर लाए गए 57 घोड़ों में से अब तक पांच दिनों में आठ घोड़ों की मौत हो चुकी है, जिससे प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है। यह सभी घोड़े पनागर थाना क्षेत्र के रैपुरा गांव में अस्थायी तौर पर रखे गए थे।
Jabalpur News:घोड़ों की लगातार हो रही मौतों के मद्देनजर जबलपुर कलेक्टर ने रैपिड रिस्पॉन्स टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में गर्म वातावरण में लंबी दूरी का परिवहन मौत का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। पशु चिकित्सकों का मानना है कि अत्यधिक तापमान और सफर की थकान ने इन घोड़ों की सेहत पर गंभीर असर डाला है।
Jabalpur News:वहीं, बीमारी के संदेह को देखते हुए मृत और जीवित घोड़ों के सैंपल लेकर उन्हें हरियाणा स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र भेजा गया है। अब तक 44 घोड़ों की ग्लैण्डर्स जांच रिपोर्ट नेगेटिवआई है, जिससे कुछ राहत जरूर मिली है।
Jabalpur News:पशु चिकित्सा विभाग की पूरी टीम इन घोड़ों की देखरेख में जुटी है और नियमित निगरानी की जा रही है। विभाग अलर्ट मोड पर है और शेष घोड़ों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने घोड़ों के लिए बेहतर आवास, शीतल जल व्यवस्था और खानपान की विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।











