जबलपुर, मध्यप्रदेश। छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र में कथित तौर पर कफ सिरप के सेवन से 20 बच्चों की दर्दनाक मौत होने के बाद पूरे प्रदेश में मचे हड़कंप के बीच, जबलपुर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
पांच दुकानों पर छापा, प्रतिबंधित सिरप सील
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को शहर की पांच बड़ी मेडिकल दुकानों—संजय मेडिकल एजेंसी, न्यू मेडिसिन, न्यू मेडिसिन हाउस, भार्गव मेडिकल एजेंसी, और डी.आर. मेडिकोज—पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान, टीम ने इन दुकानों से बरामद कफ सिरप के स्टॉक को सील कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने निरीक्षण में पाया कि कुछ प्रतिबंधित सिरप भी छोटे बच्चों को बेचे जा रहे थे।
कफ सिरप पर सख्त प्रतिबंध
स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना के मद्देनजर स्पष्ट आदेश जारी किए हैं:
- 2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- 2 से 4 साल के बच्चों के लिए भी कफ सिरप देने पर रोक लगाई गई है।
डॉक्टरों और मेडिकल दुकानदारों को इस संबंध में लिखित निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रशासन सख्त, कार्रवाई जारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई अभी जारी है। प्रशासन अब बच्चों के लिए दी जा रही दवाओं की गुणवत्ता और उपयुक्तता की गहन जांच कर रहा है, क्योंकि इस घटना ने पूरे प्रदेश में दवा वितरण और बाल स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ बढ़ा दी हैं।











