श्रीहरिकोटा: ISRO अगले बुधवार को अपना 101वां लॉन्च मिशन शुरू करने जा रहा है। सुबह 8:54 बजे सतीश धवन स्पेस सेंटर से LVM3-M6 ‘बाहुबली’ रॉकेट उड़ान भरेगा और इसके साथ लॉन्च होगा ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 नामक शक्तिशाली कम्युनिकेशन सैटेलाइट। इसे अंतरिक्ष में तैरता हुआ एक विशाल ‘सेल टावर’ माना जा रहा है, जो दुनिया भर के करीब 2 अरब लोगों के मोबाइल नेटवर्क का तरीका बदल सकता है।
6.5 टन का विशाल सैटेलाइट और Phased Array Antenna
ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 करीब 6.5 टन वजनी है, इसलिए ISRO ने अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3 को चुना। अंतरिक्ष की लो-अर्थ ऑर्बिट में पहुँचने के बाद यह सैटेलाइट 223 स्क्वायर मीटर का फेज़्ड एरे एंटीना तैनात करेगा, जो किसी विशाल फुटबॉल मैदान के आकार के समान होगा।
Read More : SIR News : छत्तीसगढ़ की ड्राफ्ट मतदाता सूची आज होगी जारी, वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका
मोबाइल नेटवर्क का आखिरी समाधान
इस सैटेलाइट के आने से रेगिस्तान, घने जंगल या महासागर के बीच भी मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होगा। AST SpaceMobile द्वारा विकसित यह तकनीक सीधे आपके 4G और 5G स्मार्टफोन से जुड़ेगी। आपको किसी विशेष सैटेलाइट फोन या बाहरी एंटीना की आवश्यकता नहीं होगी।
⏳ 24 hours to go! #LVM3M6 is set to launch the BlueBird Block-2 spacecraft tomorrow from SDSC SHAR.
Final countdown begins. Stay tuned for live updates.
Launch on 24 Dec 2025 at 08:54 IST.
Youtube Livestreaming link:https://t.co/FMYCs31L3j
🗓️ 24 Dec 2025 | 🕗 08:24 IST… pic.twitter.com/tKoVu8rDUq— ISRO (@isro) December 23, 2025
हाई-स्पीड इंटरनेट और कॉलिंग सुविधा
ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 120 Mbps तक इंटरनेट स्पीड प्रदान कर सकेगा। इसका मतलब है कि जंगल, पहाड़ या सागर के बीच भी वीडियो स्ट्रीमिंग, वॉयस कॉल और मैसेजिंग का अनुभव लिया जा सकेगा। यह सैटेलाइट कमजोर सिग्नल को भी पकड़कर गेटवे के माध्यम से मोबाइल ऑपरेटर तक पहुँचाएगा।
भारत-अमेरिका का अंतरिक्ष सहयोग
यह मिशन भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते अंतरिक्ष सहयोग का उदाहरण है। AST SpaceMobile ने 50+ मोबाइल ऑपरेटरों के साथ साझेदारी की है। शुरुआत में इसका लक्ष्य अमेरिका के ग्रामीण इलाके होंगे, लेकिन धीरे-धीरे यह नेटवर्क पूरी दुनिया में अलग-थलग और दूरस्थ इलाकों तक पहुंचेगा।













