निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच करीब 40 दिनों तक चले तनाव और हमलों के बाद आखिरकार युद्धविराम लागू हो गया है। भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह करीब 4 बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी घोषणा की। इस फैसले के बाद वैश्विक स्तर पर राहत की भावना देखी जा रही है।
ईरान की शर्तों पर समझौते का दावा
सीजफायर के बाद ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के सामने 10 शर्तें रखी थीं, जिन्हें मानने के बाद ही यह समझौता संभव हो सका। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण और शुल्क जैसे मुद्दे इस समझौते का अहम हिस्सा हैं।
अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ बढ़ा विरोध
इस फैसले के बाद अमेरिका में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कई नेताओं और जनता ने ट्रंप के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे “समर्पण” करार दिया है। डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी और प्रतिनिधि सभा की सदस्य ग्वेन मूरे ने ट्रंप के इस्तीफे की मांग तक कर दी है।
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व्हाइट हाउस ने बताया ‘जीत’
वहीं, व्हाइट हाउस ने इस सीजफायर को अमेरिका की बड़ी जीत बताया है। प्रवक्ता कैरोलिन लीविट के अनुसार, यह समझौता ट्रंप और अमेरिकी सेना की रणनीति का परिणाम है, जिससे क्षेत्र में शांति स्थापित हुई है।
जंग से पहले ट्रंप की कड़ी चेतावनी
सीजफायर से पहले ट्रंप ने ईरान को सख्त अल्टीमेटम दिया था और बड़े हमलों की चेतावनी दी थी। उस समय परमाणु हमले की आशंका भी जताई जा रही थी, लेकिन अंततः दोनों पक्ष बातचीत के जरिए सहमत हुए।
बाजार में तेजी, तेल कीमतों में गिरावट
सीजफायर के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक असर देखने को मिला है। शेयर बाजार में तेजी आई है, वहीं कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद है।











