निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : कैंसर आज भी एक जानलेवा बीमारी मानी जाती है, खासकर तब जब इसका पता अंतिम चरण में चलता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए एम्स दिल्ली और पुणे स्थित Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) ने मिलकर iOncology.ai नाम का एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म तैयार किया है।
क्या है iOncology.ai?
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में पेश किए गए इस मॉडल को 5 लाख से अधिक रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी इमेजेस के डेटा से ट्रेन किया गया है। यह एआई सिस्टम बहुत छोटे ट्यूमर और शुरुआती असामान्य बदलावों की पहचान करने में सक्षम है। इससे डॉक्टरों को कैंसर की समय रहते पुष्टि करने में मदद मिलेगी।
ब्रेस्ट और ओवेरियन कैंसर पर खास फोकस
यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से भारतीय महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे ब्रेस्ट और ओवेरियन कैंसर की सटीक जांच पर केंद्रित है। शुरुआती पहचान से इलाज की सफलता दर बढ़ने की उम्मीद है।
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क्या होता है पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट?
पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट का अर्थ है मरीज के कैंसर के प्रकार, उसके शरीर की जैविक संरचना, जीन प्रोफाइल और ट्यूमर बायोमार्कर्स के आधार पर इलाज तय करना। इसमें टार्गेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी जैसे उन्नत उपचार विकल्प शामिल हो सकते हैं।
सुपर कंप्यूटर से सेकंडों में विश्लेषण
C-DAC के सुपर कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की मदद से यह प्लेटफॉर्म लाखों मेडिकल स्कैन को कुछ ही सेकंड में प्रोसेस कर सकता है। इससे रिपोर्ट तैयार होने में कम समय लगता है और इलाज शुरू करने में देरी नहीं होती।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत परीक्षण
फिलहाल iOncology.ai ट्रायल फेज में है और इसे दिल्ली के अलावा मथुरा और फरीदाबाद जैसे जिला अस्पतालों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। इसका उद्देश्य छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी उन्नत कैंसर डायग्नोसिस सुविधा उपलब्ध कराना है।यदि ट्रायल सफल रहता है, तो यह तकनीक भविष्य में कैंसर उपचार की दिशा को पूरी तरह बदल सकती है।













