inflammatory statements : कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर उनकी टिप्पणी के बाद अब पश्चिम बंगाल पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
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मामला 28 अगस्त का है, जब महुआ मोइत्रा ने सार्वजनिक मंच से गृह मंत्री को लेकर बेहद तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा था कि अगर लाखों की संख्या में घुसपैठिए रोजाना भारतीय सीमा पार कर रहे हैं, महिलाओं की इज्जत और जमीन पर खतरा पैदा कर रहे हैं, तो “पहले अमित शाह का सिर काटकर टेबल पर रख देना चाहिए।”
BJP ने बताया नफरत फैलाने वाला बयान
महुआ मोइत्रा के इस बयान के बाद बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई। पार्टी नेताओं ने इसे हिंसा को भड़काने वाला और नफरत से भरा बयान बताया। नदिया जिले के कृष्णानगर पुलिस थाने में बीजेपी नेता संदीप मजूमदार ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
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महुआ का तर्क – सीमा सुरक्षा में लापरवाही
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने बयान के पीछे दलील दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद लालकिले से 15 अगस्त के भाषण में घुसपैठ की बात कही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर देश की सीमाएं असुरक्षित हैं, तो इसकी जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह संसद और मंचों पर सिर्फ ‘ताली बजाने और हंसने’ तक सीमित हैं, जबकि BSF के रहते भी सीमाएं सुरक्षित नहीं हैं।
भारत–बांग्लादेश संबंधों का मुद्दा भी उठाया
महुआ मोइत्रा ने अपने भाषण में भारत और बांग्लादेश के रिश्तों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “एक समय में बांग्लादेश हमारा दोस्त देश रहा है, लेकिन केंद्र सरकार की नीतियों के कारण पिछले कुछ वर्षों में रिश्तों में तल्खियां बढ़ गई हैं।”
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राजनीतिक हलकों में हलचल
इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में तूफान ला दिया है। बीजेपी ने महुआ की गिरफ्तारी की मांग की है, जबकि टीएमसी नेताओं का कहना है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
कानूनी जानकारों के अनुसार, दर्ज एफआईआर में IPC की धारा 153A (दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाना) और 505 (सार्वजनिक शांति भंग करने वाला बयान) जैसी धाराएं लगाई जा सकती हैं।











