Monday, October 5, 2026
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Indore Water Crisis Investigation : जांच के लिए गलियों में उतरे ACS संजय दुबे; सप्लाई व्यवस्था परखी, पर नलों से पानी भरने में अब भी डर रहे लोग

Indore Water Crisis Investigation : इंदौर: भागीरथपुरा इलाके में पिछले 12 दिनों से जारी दूषित पानी के संकट और उससे हुई मौतों के बाद प्रशासन की नींद टूटी है। राज्य सरकार द्वारा गठित जांच समिति के प्रमुख और एसीएस संजय दुबे ने आज तड़के क्षेत्र का दौरा कर पानी की सप्लाई और शुद्धता का जायजा लिया। हालांकि, प्रशासनिक दावों के बावजूद रहवासियों के मन से ‘जहरीले पानी’ का खौफ कम नहीं हो रहा है।

तड़के पानी की टंकी पहुंचे अधिकारी

एसीएस संजय दुबे अल सुबह क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला के साथ भागीरथपुरा स्थित पानी की टंकी पर पहुंचे। उन्होंने वहां से होने वाली सप्लाई की पूरी प्रक्रिया देखी और अपनी मौजूदगी में ही क्षेत्र में जल प्रदाय शुरू करवाया। इसके बाद वे अधिकारियों के साथ क्षेत्र की तंग गलियों में पहुंचे और नलों से आने वाले पानी की गुणवत्ता का भौतिक परीक्षण किया।

जनता का जवाब: ‘साहब, नल का पानी पीने की हिम्मत नहीं’

अधिकारियों ने जब लोगों से पानी भरने और उसका उपयोग करने को कहा, तो रहवासियों ने साफ इनकार कर दिया। लोगों के बीच फैले डर का आलम यह है कि घर में नल आने के बावजूद लोग पानी नहीं भर रहे हैं।

  • रहवासियों का दर्द: स्थानीय निवासी सपना बाई और रेखा कश्यप ने बताया कि घरों में हुए मातम और बीमारियों के बाद अब नल के पानी पर भरोसा करना मुश्किल है।

  • बाजार पर निर्भरता: संतोष पाल सहित अन्य निवासियों का कहना है कि वे अब भी मार्केट से RO का पानी मंगा रहे हैं या 20 लीटर के जार खरीदकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं दोबारा दूषित पानी न आ जाए।

जांच रिपोर्ट पर टिकी नजरें

एसीएस संजय दुबे की यह जांच रिपोर्ट अब सरकार के लिए बेहद अहम होगी। क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि केवल औचक निरीक्षण से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरी पाइपलाइन को बदलकर सीवरेज और पेयजल लाइनों के बीच सुरक्षित दूरी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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