Indore Water Crisis: इंदौर। इंदौर के स्नेहलता गंज क्षेत्र में दूषित और बदबूदार पेयजल की समस्या ने रहवासियों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक महीने से कई घरों में बोरिंग और नर्मदा जलापूर्ति लाइन से गंदा एवं दुर्गंधयुक्त पानी आने की शिकायत है। दूषित पानी के सेवन से 10 से अधिक लोग बीमार पड़ चुके हैं, जिनका उपचार घर पर चल रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नगर निगम के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
ड्रेनेज लाइन से जल स्रोत दूषित होने की आशंका
स्नेहलता गंज स्थित प्रेम पैराडाइज के रहवासियों का आरोप है कि उनकी बिल्डिंग के पास से गुजरने वाली ड्रेनेज लाइन, जो सेंट्रल जेल क्षेत्र तक जाती है, लंबे समय से चोक पड़ी है। उनका कहना है कि इसी वजह से गंदा पानी बोरिंग और नर्मदा पाइपलाइन में मिल रहा है, जिससे पेयजल दूषित हो गया है।रहवासियों के अनुसार, नलों से निकलने वाले पानी में तेज बदबू आती है और उसका रंग भी सामान्य नहीं रहता, जिससे लोग उसे पीने से डर रहे हैं।
10 से ज्यादा लोग बीमार, कई परिवारों में दहशत
Indore Water Crisis: स्थानीय लोगों ने बताया कि दूषित पानी पीने के कारण बच्चों और बुजुर्गों सहित 10 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। फिलहाल उनका इलाज घर पर ही चल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
‘स्नेहलता गंज को दूसरा भागीरथपुरा बनने से बचाइए’
Indore Water Crisis: रहवासियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्नेहलता गंज के हालात भी भागीरथपुरा जैसे हो सकते हैं, जहां दूषित पानी के कारण पहले भी स्वास्थ्य संकट सामने आ चुका है। उनका कहना है कि क्षेत्र की कई बहुमंजिला इमारतों में यही समस्या बनी हुई है।
नगर निगम पर लापरवाही का आरोप
रहवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन हर बार अधिकारियों ने यही जवाब दिया कि नई ड्रेनेज लाइन बिछने के बाद ही समस्या का स्थायी समाधान होगा। लोगों का कहना है कि जब तक नई लाइन नहीं बनती, तब तक भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
सोमवार को निगम आयुक्त से करेंगे मुलाकात
समस्या के समाधान की मांग को लेकर क्षेत्र के रहवासी सोमवार को नगर निगम आयुक्त से मुलाकात करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़ा जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल ड्रेनेज लाइन की सफाई, दूषित जल की जांच और सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।







