Indore Police Humanity : इंदौर: इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र में सतर्क पुलिसिंग और मानवता का एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। ‘बच्चा चोर’ की अफवाहों के चलते हिंसक होती भीड़ से एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को बचाकर पुलिस ने उसे सुरक्षित उसके घर पहुँचाया है। साथ ही, अफवाह फैलाने और महिला के साथ हाथापाई करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
भीड़ ने समझा ‘बच्चा चोर’, पुलिस ने पहचानी ‘पीड़ा’
घटना जीत नगर क्षेत्र की है, जहाँ एक 40 वर्षीय महिला को संदिग्ध अवस्था में घूमते देख लोगों ने उसे बच्चा चोर समझ लिया। भीड़ ने महिला को पकड़कर उसके साथ मारपीट की और थाने ले आए। हालांकि, भंवरकुआं पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता को समझा और महिला से पूछताछ की। जांच में पता चला कि महिला का नाम रेखा (पति सुंदरलाल) है और वह मेरठ (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली है। महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण रास्ता भटककर इंदौर आ पहुँची थी।
सोशल मीडिया के जरिए मेरठ तक पहुँचा संदेश
थाना प्रभारी और उनकी टीम ने महिला की फोटो और जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा की। तकनीक और नेटवर्किंग के समन्वय से यह संदेश मेरठ में उसके परिवार तक पहुँच गया। 18 फरवरी को महिला के परिजन इंदौर पहुँचे। पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 19 फरवरी को रेखा को सकुशल उसके पति सुंदर के सुपुर्द कर दिया गया।
अफवाह फैलाने वालों पर FIR दर्ज
पुलिस ने इस मामले में केवल मानवीय चेहरा ही नहीं दिखाया, बल्कि कानून तोड़ने वालों को भी कड़ा सबक दिया है। महिला के साथ मारपीट करने और बच्चा चोर की झूठी अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ थाना भंवरकुआं में अपराध क्रमांक 201/2026 के तहत धारा 223 BNS में मामला दर्ज किया गया है।
राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी, इंदौर
“महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और मेरठ की रहने वाली थी। कुछ लोगों ने अफवाहों के चलते उसके साथ गलत व्यवहार किया, जिसे गंभीरता से लेते हुए हमने FIR दर्ज की है। नागरिकों से अपील है कि वे किसी भी सूचना की पुष्टि किए बिना कानून हाथ में न लें। संदिग्ध दिखने पर तुरंत डायल-100 या नजदीकी थाने को सूचित करें।”













