Indore News : इंदौर : पाकिस्तान के कराची से जुड़ा एक संवेदनशील पारिवारिक मामला अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ तक पहुंच गया है।
कराची निवासी एक महिला ने अपने पति पर भारत में अवैध रूप से रहने और दूसरी शादी की तैयारी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
महिला की मांग है कि उसके पति को भारत से डिपोर्ट किया जाए और दूसरी शादी पर रोक लगाई जाए।
इस मामले में हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से जवाब भी मांगा है।
Indore News : कराची निवासी निकिता ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उसके पति विक्की नागदेव, जो पाकिस्तान का नागरिक है, लॉन्ग टर्म वीज़ा की अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से इंदौर में रह रहा है।
Indore News : याचिकाकर्ता का कहना है कि विक्की ने उससे तलाक लिए बिना दूसरी शादी की तैयारी कर ली है, जिसे रोकने के लिए उसने न्यायालय का सहारा लिया है।निकिता ने इस मामले की शिकायत पीएमओ के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर भी की है।
Indore News : महिला के वकील दिनेश रावत ने कोर्ट में बताया कि विक्की और निकिता की शादी वर्ष 2020 में हुई थी। कोविड महामारी के दौरान विक्की, महामारी का बहाना बनाकर निकिता को अटारी बॉर्डर पर छोड़कर वापस भारत आ गया और इसके बाद उसे वापस नहीं बुलाया।
Indore News : निकिता की ओर से कई बार संवाद और समझौते के प्रयास किए गए, लेकिन पति और उसके परिवार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद सामाजिक स्तर पर भी मामला उठाया गया, लेकिन समाधान नहीं निकल सका।
Indore News : “याचिकाकर्ता के पति पाकिस्तानी नागरिक हैं और वीज़ा समाप्त होने के बावजूद भारत में रह रहे हैं।बिना तलाक दिए दूसरी शादी की तैयारी की जा रही थी.माननीय हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दूसरी शादी पर अंतरिम रोक लगाई है और केंद्र व राज्य सरकार से जवाब मांगा है।”
Indore News : इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है।
साथ ही विक्की नागदेव को कोर्ट की अनुमति के बिना विवाह न करने का निर्देश भी दिया गया है। मामले में आगामी दो से तीन दिनों में अगली सुनवाई संभव है।
Indore News : वहीं इस पूरे मामले पर पति विक्की नागदेव ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी है। विक्की का कहना है कि कोविड महामारी के दौरान निकिता को पाकिस्तान भेजा गया था और बाद में कई बार उसे वापस बुलाने के प्रयास किए गए, लेकिन बीते पांच वर्षों से वैवाहिक संबंध नहीं रहे।
Indore News : “मैं लॉन्ग टर्म वीज़ा पर भारत में रह रहा हूं।पुलिस ने मेरे सभी दस्तावेज जांच लिए हैं और वे पूरी तरह वैध पाए गए हैं।
मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं।हाईकोर्ट जो भी फैसला देगा, वह हमें स्वीकार होगा।”
Indore News : विक्रम उर्फ विक्की ने यह भी दावा किया कि सिंधी समाज पंचायत में तलाक का मामला दाखिल किया गया था, लेकिन वहां कोई समाधान नहीं निकल सका।पाकिस्तान की कराची में निकिता ने ने भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं महिला ने बताया की पत्नी का उन्हें के परिवार के रिश्ते में एक युवती से प्रेम संबंध है और शादी के बाद से प्रताड़ित कर रहे थे कुछ दिन बाद मुझे माता-पिता के पास एक महीने कराची पाकिस्तान भेजा था पीड़िता निकीता ने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रधानमंत्री, गृह मंत्रालय और अन्य उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके पति को पाकिस्तान भेजा जाए, ताकि कराची की अदालत में उनकामामला सुना जा सके।
Indore News : निकीता और विक्रम की शादी 26 जनवरी 2020 को कराची के सिंध में हुई थी। शादी के बाद 26 फरवरी 2020 को विक्रम अपनी पत्नी को भारत के इंदौर लेकर आया। लेकिन निकीता का आरोप है कि कुछ समय बाद 9 जुलाई 2020 को विक्रम उन्हें वीज़ा प्रक्रिया के नाम पर अटारी बॉर्डर पर छोड़कर वापस नहीं लौटे। लगातार अनदेखी और उत्पीड़न से परेशान होकर पीड़िता ने 27 जनवरी 2025 को लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में निकीता ने यह भी आरोप लगाया है कि उनका पति भारत में रहते हुए दिल्ली की एक युवती से बिना तलाक लिए विवाह करने की तैयारी कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंधी पंच मध्यस्थता केंद्र ने पति विक्रम और कथित मंगेतर दोनों को नोटिस जारी कर कई दौर की समझौता वार्ताएं आयोजित कीं, लेकिन समझौता नहीं हो सका। मध्यस्थता अधिनियम 2023 के तहत तैयार की गई रिपोर्ट में केंद्र ने स्पष्ट किया है कि दोनों पक्ष भारतीय नागरिक नहीं हैं, इसलिए न्यायिक क्षेत्राधिकार पाकिस्तान से संबंधित है। इसी आधार पर केंद्र ने पति विक्रम नागदेव को पाकिस्तान डिपोर्ट करने की अनुशंसा जिलाध्यक्ष को भेजी है।
Indore News : फिलहाल यह मामला कोर्ट के विचाराधीन है और आने वाले दिनों में इस पर अहम फैसला आ सकता है।.अब निगाहें इंदौर हाईकोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट इस अंतरराष्ट्रीय और पारिवारिक विवाद में क्या रुख अपनाता है।











