इंदौर : मध्य प्रदेश में चाइनीस मांझे (Chinese Manja) से हो रही लगातार मौतों और गंभीर हादसों को लेकर इंदौर हाई कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीस मांझा बेचना और उसका इस्तेमाल करना गंभीर आपराधिक कृत्य है और इससे होने वाली मौतों को किसी भी हालत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार, इंदौर शहर में अब तक चाइनीस मांझे की चपेट में आकर तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि चार से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें राहगीर, दोपहिया वाहन चालक और आम नागरिक शामिल हैं। इन घटनाओं को गंभीर मानते हुए हाई कोर्ट ने प्रशासन और पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने के आदेश
हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि चाइनीस मांझा बेचने वालों के साथ-साथ उसका उपयोग करने वालों पर भी गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए। कोर्ट के आदेश के अनुसार, अब ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत केस दर्ज होगा।इसका साफ मतलब है कि यदि चाइनीस मांझे की वजह से किसी व्यक्ति की जान जाती है, तो दोषी व्यक्ति को सीधे आपराधिक जिम्मेदारी के दायरे में लाया जाएगा।
नाबालिगों के मामले में अभिभावक भी होंगे जिम्मेदार
हाई कोर्ट ने नाबालिगों द्वारा चाइनीस मांझे के उपयोग पर भी कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि यदि कोई नाबालिग चाइनीस मांझे का इस्तेमाल करता पाया जाता है, तो उसके माता-पिता या अभिभावकों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।कोर्ट ने माना कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना अभिभावकों की जिम्मेदारी है और लापरवाही की स्थिति में उन्हें भी जवाबदेह ठहराया जाएगा।
खुलेआम बिक्री
हैरान करने वाली बात यह है कि प्रशासनिक प्रतिबंध के बावजूद इंदौर के कई इलाकों में चाइनीस मांझा खुलेआम बिक रहा है। यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों, वाहन चालकों और पक्षियों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बना हुआ है।
पुलिस-प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ी
हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद अब पुलिस और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी कई गुना बढ़ गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में चाइनीस मांझे के खिलाफ विशेष अभियान, सख्त निगरानी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।













