Sunday, August 16, 2026
Home National Vikram-I : भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-I लॉन्च, PM मोदी...

Vikram-I : भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-I लॉन्च, PM मोदी ने किया उद्घाटन

0
1891
modi vikram 1
स्काईरूट के इनफिनिटी कैंपस का उद्घाटन

हैदराबाद : भारत के स्पेस सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों की बढ़ती भागीदारी को नई उड़ान मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-I पेश किया। यह रॉकेट तेलंगाना की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित किया गया है।

विक्रम-I की खासियत और लॉन्च योजना
विक्रम-I रॉकेट की ऊंचाई लगभग 7 मंजिल बिल्डिंग के बराबर है। यह 2026 में लॉन्च किया जाएगा और 300 किग्रा तक का सैटेलाइट ऑर्बिट में ले जाने में सक्षम होगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह भारत के स्पेस स्टार्टअप्स के लिए ऐतिहासिक कदम है।

Read More : सोनागाछी में SIR बना चैलेंज! रेड लाइट की लड़कियां कहां से पता लगाएंगी फैमिली हिस्ट्री…

हैदराबाद में बना नया इनफिनिटी कैंपस
प्रधानमंत्री मोदी ने रॉकेट के साथ स्काईरूट के इनफिनिटी कैंपस का भी उद्घाटन किया। इस कैंपस में लॉन्च व्हीकल के डिजाइन, डेवलपमेंट, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग का काम होगा। यहां लगभग 2,00,000 स्क्वायर फीट का वर्कस्पेस उपलब्ध होगा और हर महीने एक ऑर्बिटल रॉकेट बनाने की क्षमता होगी।

Read More : Gauharganj rape : गौहरगंज दुष्कर्म मामले पर आक्रोश, ‘सीहोर बंद’ को मिला व्यापक समर्थन

क्या बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के स्पेस इकोसिस्टम में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी देश की नई सोच और नवाचार का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि इसरो ने दशकों तक भारत की स्पेस यात्रा को आगे बढ़ाया, अब प्राइवेट कंपनियां भारत को अंतरराष्ट्रीय स्पेस प्रतियोगिता में मजबूती से खड़ा कर रही हैं।

जानें स्काईरूट एयरोस्पेस के बारे में
स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना IIT पासआउट और ISRO के पूर्व साइंटिस्ट पवन चंदना और भरत ढाका ने 2018 में की थी। इन्हें भारत का ‘इलॉन मस्क’ कहा जा रहा है। कंपनी ने 2022 में विक्रम-S नामक सब-ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कर भारत की प्राइवेट स्पेस यात्रा शुरू की थी।

 

विक्रम-I: भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट
विक्रम-I भारत का पहला ऐसा प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट है जो पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करेगा। यह कदम भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स और प्राइवेट सेक्टर को नई संभावनाओं के लिए तैयार करता है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here