India Alert : नई दिल्ली। भारत के ऑपरेशन सिंदूर के महीनों बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) फिर सक्रिय हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, संगठन ने पाकिस्तान भर में 313 नए मरकज यानी ट्रेनिंग कैंप और सुरक्षित ठिकाने बनाने के लिए 3.91 अरब पाकिस्तानी रुपये जुटाने का अभियान शुरू किया है। इस फंडिंग अभियान की कमान खुद जैश सरगना मसूद अजहर और उसके भाई तल्हा अल सैफ संभाल रहे हैं और लगातार समर्थकों से दान की अपील कर रहे हैं।
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भारतीय सुरक्षा बलों ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी लॉन्चपैड ध्वस्त किए थे। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकियों का खात्मा हुआ था। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी।
जैश ने इस फंड से नए मरकज बनाने की योजना बनाई है, जो आतंकियों की भर्ती और ट्रेनिंग के साथ संगठन के सरगना मसूद अजहर और उसके परिवार के लिए सुरक्षित ठिकाने भी होंगे।
फंड जुटाने के लिए संगठन डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म जैसे EasyPaisa और SadaPay का उपयोग कर रहा है। अकाउंट अजहर के रिश्तेदारों, जिनमें उसका बेटा अब्दुल्ला अजहर भी शामिल है, के मोबाइल नंबर से जुड़े हैं। इसके अलावा, हर शुक्रवार मस्जिदों में गाजा के लिए मानवीय मदद के नाम पर भी चंदा इकट्ठा किया जा रहा है।
बहावलपुर स्थित अल रहमत ट्रस्ट, जो लंबे समय से जैश का फ्रंट संगठन माना जाता है, इस फंडिंग अभियान में अहम भूमिका निभा रहा है। यह संगठन अजहर के करीबी सहयोगियों के बैंक अकाउंट के जरिए पैसा घुमा रहा है।
जैश जुटाए गए पैसों से मशीन गन, रॉकेट लॉन्चर और मोर्टार जैसे हथियार खरीद रहा है। माना जा रहा है कि संगठन क्षेत्र में फिर से आतंकी हमलों की नई लहर छेड़ने की तैयारी कर रहा है।











