IG Gaurav Rajput Action : रीवा (24 फरवरी 2026): मध्य प्रदेश के रीवा जिले में कानून के रखवालों द्वारा ही कानून की धज्जियां उड़ाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मनगवां थाने की पुलिस टीम पर नशीली सिरप की जब्ती के दौरान मिले सोने के आभूषण और नकदी को गायब करने का आरोप सिद्ध हुआ है। रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IG) गौरव राजपूत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह धाकड़ और दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
31 शीशी सिरप और ‘गायब’ हुआ सोना पूरा मामला 11 फरवरी का है, जब मनगवां पुलिस ने एक एक्सयूवी (XUV) कार की तलाशी लेकर 31 शीशी नशीली सिरप बरामद की थी। पुलिस ने मौके से आरोपी सुभाष मिश्रा उर्फ दादू और राहुल तिवारी को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस की टीम आरोपियों के घर की तलाशी लेने पहुंची थी। आरोप है कि तलाशी के दौरान पुलिस ने वहां से भारी मात्रा में सोने के जेवरात और नकदी बरामद की, लेकिन उसे सरकारी रिकॉर्ड (रोजनामचे) में कहीं नहीं दिखाया।
परिजनों की शिकायत पर खुली पोल पुलिस की इस ‘होशियारी’ की पोल तब खुली जब आरोपियों के परिजनों ने वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घर से कीमती सामान उठाया है जिसका कोई जिक्र केस डायरी में नहीं है। आईजी गौरव राजपूत ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। जांच प्रतिवेदन में पुलिसकर्मियों द्वारा जब्ती के सामान में हेराफेरी की पुष्टि होते ही हड़कंप मच गया।
इन पर गिरी गाज जांच रिपोर्ट सही पाए जाने पर आईजी ने कार्यवाहक निरीक्षक गजेंद्र सिंह धाकड़, आरक्षक विजय यादव और आरक्षक बृजकिशोर अहिरवार को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस विभाग अब इस मामले में विभागीय जांच कर यह पता लगा रही है कि क्या इससे पहले भी इन पुलिसकर्मियों ने इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।
अधिकारी का वक्तव्य:
“मनगवां पुलिस द्वारा नशीली सिरप की कार्रवाई के दौरान जब्ती के सामान में हेराफेरी की शिकायत मिली थी। जांच में तथ्य सही पाए गए हैं, जिसके आधार पर थाना प्रभारी और दो आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
— गौरव राजपूत, पुलिस महानिरीक्षक (IG), रीवा जोन











