Hyderabad Biryani IT Raid : हैदराबाद : हैदराबाद की विश्व प्रसिद्ध बिरयानी अब एक कड़वे विवाद के केंद्र में है। नवंबर 2025 में शहर की दिग्गज फूड चेन्स पिस्ता हाउस (Pista House), शाह गौस कैफे (Shah Ghouse Cafe) और महफिल (Mehfil) पर हुई आयकर विभाग की छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह जांच अब केवल हैदराबाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने देशभर में फैले ₹70,000 करोड़ के संभावित टैक्स चोरी नेटवर्क को उजागर कर दिया है।
छापेमारी और बड़ी बरामदगी
पिछले साल 18 और 19 नवंबर को आयकर विभाग की करीब 50 टीमों ने हैदराबाद के 15 प्रमुख स्थानों पर एक साथ दबिश दी थी। यह कार्रवाई केवल रेस्टोरेंट्स तक सीमित नहीं थी, बल्कि इन ग्रुप्स के चेयरपर्सन, निदेशकों और वरिष्ठ प्रबंधन के आवासों की भी तलाशी ली गई। इस ऑपरेशन के दौरान:
-
₹6 करोड़ नकद जब्त किए गए।
-
भारी मात्रा में डिजिटल रिकॉर्ड, बिलिंग डेटा और वित्तीय दस्तावेज कब्जे में लिए गए।
-
टेराबाइट्स (TB) में बिलिंग डेटा का विश्लेषण किया गया, जिसमें वास्तविक और घोषित आय के बीच भारी अंतर मिला।

कैसे होता था खेल?
जांचकर्ताओं को संदेह है कि ये फूड चेन्स बिलिंग सॉफ्टवेयर में हेरफेर कर बिक्री के आंकड़ों को दबाती थीं। इसके अलावा, डिजिटल भुगतान और UPI ट्रांजैक्शन को तीसरे पक्ष (third-party) के खातों के माध्यम से रूट किया जाता था ताकि मुख्य आय को छिपाया जा सके। प्रारंभिक आकलन बताते हैं कि ये तीनों चेन्स सामूहिक रूप से हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न करती हैं, जिसका बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड पर नहीं लाया गया।
₹70,000 करोड़ का देशव्यापी जाल
आयकर विभाग का मानना है कि यह कार्यप्रणाली केवल हैदराबाद तक सीमित नहीं है। वर्ष 2019-20 से अब तक देशभर के फूड और बेवरेज सेक्टर में इसी तरह के टैक्स चोरी नेटवर्क के सक्रिय होने का संदेह है, जिसकी कुल वैल्यू ₹70,000 करोड़ के करीब हो सकती है। जांच का दायरा अब दुबई और अन्य विदेशी आउटलेट्स तक भी पहुँच सकता है।
अगली कार्रवाई की तैयारी
डिजिटल साक्ष्यों और जब्त दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद, विभाग अब संबंधित समूहों पर भारी जुर्माना लगाने, टैक्स डिमांड नोटिस भेजने और संभावित कानूनी अभियोजन (prosecution) की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि डेटा विश्लेषण पूरा होने के बाद कार्रवाई और तेज होगी।













