निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने रणनीतिक रूप से अहम हॉर्मूज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद खाड़ी क्षेत्र में जहाजों का जमावड़ा लग गया है। यह जलमार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है।
24 घंटे से ठप समुद्री यातायात
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 24 घंटे से किसी भी जहाज को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी गई है। ईरान की ओर से हमले की आशंका और सख्ती के कारण सैकड़ों जहाज खाड़ी में लंगर डाले खड़े हैं और हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
भारत के लिए राहत की खबर
तनाव के इस माहौल के बीच भारत के लिए एक सकारात्मक खबर सामने आई है। शिपिंग डेटा के अनुसार भारतीय झंडे वाले दो LPG टैंकर—‘पाइन गैस’ और ‘जग बसंत’—जल्द ही इस क्षेत्र से निकलकर भारत की ओर रवाना हो सकते हैं। इससे देश में गैस आपूर्ति को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
खाड़ी में लंगर डाले खड़े हैं टैंकर
डेटा एनालिटिक्स एजेंसी केपलर के मुताबिक, ये दोनों टैंकर फिलहाल खाड़ी में लंगर डाले हुए हैं। हालांकि, इनके जल्द ही हॉर्मूज जलडमरूमध्य पार करने की संभावना जताई जा रही है, जो भारत के लिए अहम साबित हो सकता है।
सप्लाई और कीमतों पर असर
इस संकट का असर वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है, जिससे कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका भी बनी हुई है। भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
सरकार की प्रतिक्रिया
शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने इस मामले पर कहा कि फिलहाल उनके पास इस स्थिति को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं है। वहीं, सरकार घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए LPG आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है।
पहले भी पहुंच चुके हैं टैंकर
इससे पहले ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नामक जहाज भारत पहुंच चुके हैं, जिनमें करीब 92,700 मीट्रिक टन गैस लदी हुई थी। ऐसे में नए टैंकरों के आगमन से आपूर्ति संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।











