Hi-tech theft : इंदौर। भंवरकुआ थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस ने एक अंतरराज्यीय हाईटेक चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के तीन सदस्य तमिलनाडु के वेलूर जिले से थे और उन्होंने एआई एप्लीकेशन जैसे गूगल मैप, ChatGPT और गूगल जेमिनाई का उपयोग कर हॉस्टलों की रेकी की और चोरी की वारदातों को अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपियों मिथ्यांथन, महेंद्र पिता वेंकटरामन और दीपक को महू से गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 18 मोबाइल, 10 लैपटॉप और 1 टैबलेट सहित लगभग 25 लाख रुपये का माल बरामद हुआ। एसीपी विजय सिंह चौहान ने बताया कि गिरोह भंवरकुआ के अलावा विजयनगर, बाणगंगा और आसपास के इलाकों में भी चोरी की वारदातें कर चुका है।
Hi-tech theft : जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपियों ने महू में नारियल पानी बेचने के बहाने किराए का कमरा लिया और रोजाना उपनगरीय ट्रेन से इंदौर आकर हॉस्टल के कमरे में प्रवेश कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। टेक्निकल एनालिसिस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रैक कर गिरफ्तारी की।
एसीपी विजय चौहान ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कई वारदातों को स्वीकार किया। पुलिस अब बरामद गैजेट्स की जांच कर अन्य संभावित चोरी की घटनाओं से लिंक स्थापित कर रही है।
Hi-tech theft :
विजय सिंह चौहान, एसीपी भंवरकुआ थाना क्षेत्र: “यह गिरोह डिजिटल साधनों का इस्तेमाल कर चोरी कर रहा था। इसकी गिरफ्तारी से छात्रों और आमजन की सुरक्षा में सुधार होगा। आने वाले दिनों में ऐसे हाईटेक अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।” इंदौर पुलिस की यह कार्रवाई शहर में साइबर क्राइम और हाईटेक चोरी पर सख्त संदेश मानी जा रही है।











