जांघों के बीच ज्यादा पसीना क्यों आता है?
चलने-फिरने, एक्सरसाइज करने या गर्मी में जांघों के बीच पसीना आना सामान्य है। लेकिन कुछ लोगों को इस हिस्से में इतना पसीना आता है कि अंडरवियर तक गीला हो जाता है और बार-बार कपड़े बदलने पड़ते हैं। इसकी वजह सिर्फ गर्मी नहीं होती। त्वचा का आपस में रगड़ना, टाइट कपड़े और हवा का कम पहुंचना भी इस परेशानी को बढ़ा सकते हैं। कुछ मामलों में जरूरत से ज्यादा पसीना आने की समस्या हाइपरहाइड्रोसिस से भी जुड़ी हो सकती है।
इस हिस्से में ज्यादा नमी क्यों रहती है?
शरीर में मौजूद पसीने की ग्लैंड्स तापमान को कंट्रोल करने में मदद करती हैं। गर्मी, उमस, एक्सरसाइज और तनाव के दौरान इनकी एक्टिविटी बढ़ जाती है। जांघों के बीच का हिस्सा त्वचा के फोल्ड में आता है। यहां दोनों जांघें एक-दूसरे के करीब रहती हैं, इसलिए हवा का आना-जाना कम होता है और पसीना जल्दी सूख नहीं पाता।
इसके अलावा, चलने, दौड़ने या साइकिल चलाने के दौरान जांघों की त्वचा बार-बार रगड़ खाती है। टाइट जींस और सिंथेटिक अंडरवियर भी गर्मी और नमी को अंदर रोक सकते हैं। इससे चिपचिपापन और पसीने की परेशानी ज्यादा महसूस होती है।
क्या यह हाइपरहाइड्रोसिस का संकेत है?
हाइपरहाइड्रोसिस ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर जरूरत से ज्यादा पसीना बनाता है। यह दो तरह का हो सकता है। प्राइमरी हाइपरहाइड्रोसिस में बिना किसी साफ वजह के शरीर के कुछ हिस्सों में ज्यादा पसीना आता है। वहीं, सेकेंडरी हाइपरहाइड्रोसिस किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या या दवा के कारण हो सकता है। थायरॉइड की परेशानी, ब्लड शुगर में बदलाव और कुछ दवाएं भी ज्यादा पसीने की वजह बन सकती हैं।
लगातार नमी से हो सकती है खुजली और जलन
जांघों के बीच लंबे समय तक पसीना रहने से त्वचा में रगड़ और जलन हो सकती है। इससे लालिमा, खुजली, रैश और त्वचा छिलने जैसी परेशानी हो सकती है। त्वचा के फोल्ड में नमी और घर्षण के कारण होने वाली सूजन को इंटरट्राइगो कहते हैं। कुछ मामलों में इस हिस्से में फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन भी हो सकता है।
पसीना कम करने के लिए क्या करें?
जांघों के बीच पसीने और नमी से बचने के लिए ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें। कॉटन या ऐसे फैब्रिक का अंडरवियर चुनें, जिसमें हवा आसानी से आ-जा सके। एक्सरसाइज या ज्यादा पसीना आने के बाद गीले कपड़े बदल लें। नहाने के बाद इस हिस्से को साफ तौलिए से हल्के हाथों से अच्छी तरह सुखाएं।
जांघों के बीच रगड़ की परेशानी हो तो त्वचा के लिए सुरक्षित एंटी-चाफिंग प्रोडक्ट इस्तेमाल किया जा सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के तेज डियोडरेंट या पसीना रोकने वाले प्रोडक्ट संवेदनशील हिस्से पर न लगाएं। अगर खुजली, दर्द, सूजन, बार-बार रैश या बहुत ज्यादा पसीने की समस्या बनी रहती है, तो त्वचा विशेषज्ञ से जांच कराएं।