Bangladesh Hindu Attack : ढाका/शरीयतपुर: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा का सिलसिला वर्ष 2026 के पहले दिन भी जारी है। शरीयतपुर इलाके में एक हिंदू फार्मासिस्ट खोकन चंद्र दास को भीड़ ने घेरकर न केवल बेरहमी से पीटा, बल्कि उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश भी की। पिछले दो हफ्तों में हिंदुओं के खिलाफ यह चौथी बड़ी हिंसक वारदात है।
दुकान से लौटते वक्त हुआ कातिलाना हमला
40 वर्षीय खोकन चंद्र दास, दामुद्या के केउरभंगा बाज़ार में अपनी फार्मेसी चलाते हैं। बुधवार (31 दिसंबर) की रात करीब 9:00 बजे जब वह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी तिलोई इलाके में बदमाशों के एक समूह ने उन्हें रोक लिया। हमलावरों ने पहले उन पर धारदार हथियारों और चाकुओं से कई वार किए। इसके बाद दरिंदगी की हद पार करते हुए उनके शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
तालाब में कूदकर बचाई जान
जब खोकन चंद्र का शरीर आग की लपटों से घिर गया, तो उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए पास के एक तालाब में छलांग लगा दी। पानी में कूदने के कारण उनकी जान तो बच गई, लेकिन वह बुरी तरह झुलस गए हैं। स्थानीय लोगों ने उन्हें गंभीर हालत में शरीयतपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
14 दिनों में चौथी बड़ी घटना: हिंदुओं पर ‘सिस्टमैटिक’ हमले
बांग्लादेश में तख्तापलट और मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के आने के बाद से हिंदुओं की स्थिति बदतर होती जा रही है:
-
18 दिसंबर: दीपू चंद्र दास को भीड़ ने मार डाला और शव को पेड़ से बांधकर जला दिया।
-
25 दिसंबर: अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
-
29 दिसंबर: सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या।
-
31 दिसंबर: खोकन चंद्र दास को जिंदा जलाने की कोशिश।
यूनुस सरकार और भारत विरोधी रुख
नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के गठन के बाद से अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं। मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि प्रशासन इन घटनाओं को रोकने में विफल रहा है, जबकि कई मौकों पर सरकार की ओर से भारत विरोधी बयानबाजी ने कट्टरपंथियों के हौसले बुलंद किए हैं।











