Gwalior News: ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं को ट्रक से कुचलने की दर्दनाक घटना में 15 लोगों की मौत के बाद शोक का माहौल है। हादसे में घायल लोगों का हाल जानने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। यहां उन्होंने घायलों के इलाज की जानकारी ली और हादसे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। इसी दौरान अस्पताल में उनके दौरे से पहले बिछाए गए ग्रीन कार्पेट को देखकर सिंधिया नाराज हो गए।
ग्रीन कार्पेट देख भड़के सिंधिया
सिंधिया के अस्पताल पहुंचने से पहले ट्रॉमा सेंटर परिसर में साफ-सफाई कराई गई थी। कर्मचारियों को झाड़ू लगाते और परिसर में ग्रीन कार्पेट बिछाते देखा गया। इसके अलावा टूटी टाइल्स और गड्ढों की मरम्मत का काम भी कराया जा रहा था।
जब सिंधिया से पूछा गया कि उनके स्वागत के लिए अस्पताल में ग्रीन कार्पेट क्यों बिछाया गया, तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “मैं ग्वालियर का हूं, ग्वालियर मेरा है। मेरे लिए कहां से ग्रीन कार्पेट? क्या बात है, क्या तमाशा है ये!”
हालांकि, ग्रीन कार्पेट बिछाने का निर्देश किसने दिया था, यह स्पष्ट नहीं हो सका।
रात में शहर के भीतर कैसे पहुंचा ट्रक?
अस्पताल में घायलों से मुलाकात के बाद सिंधिया ने हादसे को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि रात के अंधेरे में ट्रक शहर के भीतर कैसे पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां हुई।
उन्होंने कहा कि ट्रक के ब्रेक फेल हुए थे या दुर्घटना की कोई दूसरी वजह थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। सिंधिया ने मामले की विस्तृत जांच कराने और जो भी जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही।
घायलों के इलाज पर दिया जोर
सिंधिया ने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति और इलाज के बारे में जानकारी ली। उनके मुताबिक, कुछ मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज जारी है। दो मरीजों के पेल्विक बोन में फ्रैक्चर होने की जानकारी भी सामने आई है। गंभीर मरीजों की स्थिति स्थिर होने के बाद आगे के इलाज और सर्जरी पर फैसला लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री से तीन बार हुई चर्चा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हादसे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनकी सुबह से तीन बार चर्चा हुई है। उन्होंने पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का भी जिक्र किया। मृतकों के परिजनों और गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि आवंटित किए जाने की जानकारी भी दी।
हादसे ने व्यवस्था पर खड़े किए दो बड़े सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था पर दो अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला, आखिर ट्रक रात में शहर के भीतर कैसे दाखिल हुआ और 15 लोगों की जान जाने से रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम क्यों नाकाम रहे?
Gwalior News: दूसरा, अस्पताल में टूटी टाइल्स और गड्ढों की मरम्मत जैसे जरूरी काम किसी वीआईपी दौरे से ठीक पहले ही क्यों नजर आए? क्या मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए किसी बड़े अधिकारी या नेता के आने का इंतजार करना जरूरी है? फिलहाल, हादसे के कारणों की जांच, घायलों का बेहतर इलाज और पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। वहीं, ट्रॉमा सेंटर में ग्रीन कार्पेट को लेकर सिंधिया की नाराजगी भी चर्चा का विषय बन गई है।