Gwalior News: ग्वालियर। ग्वालियर जिले की डबरा ए-ग्रेड कृषि उपज मंडी से जुड़े कारोबार में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। धान व्यापार से जुड़े एक स्थानीय कारोबारी ने हरियाणा के व्यापारियों पर 1 करोड़ 53 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद डबरा सिटी थाना पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर चार आरोपियों और उनकी फर्मों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धान कारोबार के दौरान बना भरोसा
Gwalior News: पुलिस के अनुसार, डबरा के सुभाषगंज निवासी व्यापारी प्रमोद शर्मा लंबे समय से धान के व्यापार से जुड़े हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 से उनका हरियाणा के कुछ व्यापारियों के साथ व्यावसायिक लेन-देन चल रहा था।शुरुआत में आरोपित व्यापारियों ने समय पर भुगतान कर उनका विश्वास जीता। इसके बाद उन्होंने लगातार बड़ी मात्रा में धान की खरीदी शुरू की और कई खेप अपने यहां मंगवाईं।
भुगतान बंद कर लगाया लाखों का चूना
Gwalior News: पीड़ित व्यापारी का आरोप है कि कुछ समय बाद आरोपियों ने धान की खेप तो लेना जारी रखा, लेकिन भुगतान करना बंद कर दिया। आरोप है कि खरीदे गए धान का उपयोग उन्होंने अपने कारोबार में किया या फिर खुले बाजार में बेच दिया, लेकिन उसकी राशि व्यापारी को नहीं दी।प्रमोद शर्मा का कहना है कि बार-बार बकाया राशि की मांग करने के बावजूद आरोपियों ने भुगतान नहीं किया, जिससे उन्हें करीब 1.53 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।
पुलिस ने चार आरोपियों पर दर्ज किया मामला
Gwalior News: शिकायत मिलने के बाद डबरा सिटी थाना पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच की। प्रथम दृष्टया मामला धोखाधड़ी का पाए जाने पर पुलिस ने चार आरोपियों और उनकी संबंधित फर्मों के खिलाफ केस दर्ज किया।
जिन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, उनमें—
- परवेश खुरानियां (बंसल)
- आशू गंभीर
(संबद्ध फर्म: करुणानिधान एग्रोटेक प्रा. लि., ग्राम मस्तपुर, जिला अंबाला, हरियाणा) - केशव मित्तल
- दिनेश
(संबद्ध फर्म: इंडोवेस्ट राइस मिल, करनाल, हरियाणा)
शामिल हैं।
पुलिस जुटी जांच में
Gwalior News: पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान दोनों पक्षों के व्यावसायिक दस्तावेज, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.







