Government Employees Strike : गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा। छत्तीसगढ़ राज्य अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय निश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को घरघोड़ा में जबरदस्त असर देखने को मिला। अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर डटे कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी कार्यालयों में ताला लटकाए रखा, जिससे ब्लॉक मुख्यालय के लगभग सभी सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप रहे। तहसील कार्यालय से लेकर जनपद पंचायत तक सन्नाटा पसरा रहा और दूर-दराज से आए ग्रामीणों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
हड़ताल के दौरान अधिकारी-कर्मचारी कर्मचारी भवन में एकत्रित हुए, जहाँ सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार की वादाखिलाफी पर रोष जताया। इसके पश्चात अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री डी.पी. अधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में केंद्र के समान तिथि से महंगाई भत्ता और एरियर्स का भुगतान, चार स्तरीय समयमान वेतनमान, और सहायक शिक्षकों व स्वास्थ्य कर्मियों की वेतन विसंगति दूर करना शामिल है।
हड़ताल के कारण घरघोड़ा के तहसील ऑफिस, जनपद पंचायत, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पीएचई, पीडब्ल्यूडी, बीईओ ऑफिस और पशु चिकित्सा विभाग सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों में काम न के बराबर हुआ। संकुलों और स्कूलों में भी शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण शैक्षणिक कार्य प्रभावित रहा। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
ज्ञापन में नगरीय प्रशासन के कर्मचारियों को नियमित करने, पंचायत सचिवों के नियमितीकरण, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और अनुकंपा नियुक्ति में 10% के बंधन को शिथिल करने जैसी महत्वपूर्ण मांगें भी शामिल हैं। इसके अलावा कर्मचारी नियुक्ति तिथि से सेवा गणना की मांग पर भी अड़े हुए हैं। हड़ताल में शामिल अधिकारियों का कहना है कि वे स्वयं प्रेरित होकर इस आंदोलन का हिस्सा बन रहे हैं क्योंकि यह उनके हक की लड़ाई है।
हड़ताल के दूसरे दिन की सफलता से उत्साहित कर्मचारी संगठन अब 31 दिसंबर को हड़ताल के अंतिम दिन बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि बुधवार को बड़ी संख्या में ब्लॉक के सभी विभागों के कर्मचारी एकजुट होकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। यदि सरकार समय रहते मांगों पर विचार नहीं करती है, तो आगामी दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।











