निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : Google ने Android यूजर्स के लिए अहम सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि Android 12 या उससे पुराने वर्जन पर चल रहे स्मार्टफोन अब नए सिक्योरिटी अपडेट प्राप्त नहीं करेंगे। इसका अर्थ है कि ऐसे डिवाइस भविष्य में सामने आने वाले मालवेयर, स्पायवेयर और अन्य साइबर खतरों के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। अनुमान है कि दुनियाभर में करोड़ों—यहां तक कि करीब एक अरब—यूजर्स इस जोखिम की श्रेणी में आ चुके हैं।
किन वर्जन को मिल रहे हैं अपडेट
ताजा आंकड़ों के अनुसार Android 13 और उससे ऊपर के वर्जन पर चलने वाले डिवाइस ही नियमित सुरक्षा पैच पा रहे हैं, जबकि Android 12, 11, 10 और उससे पुराने सिस्टम अब सुरक्षा सुधारों से बाहर हो चुके हैं। 2021 या उससे पहले लॉन्च हुए कई स्मार्टफोन इस स्थिति से प्रभावित हैं, जिससे सिस्टम की कमजोरियां बिना सुधार के रह सकती हैं।
Read More : क्या आप भी ले रहे हैं नई कार? इन जरूरी फीचर्स को बिल्कुल न करें नजरअंदाज, वर्ना…
Fragmentation क्यों बना समस्या
Android इकोसिस्टम में अपडेट की जिम्मेदारी केवल Google तक सीमित नहीं होती। अलग-अलग स्मार्टफोन निर्माता अपने अपडेट शेड्यूल तय करते हैं और अक्सर कुछ वर्षों बाद सपोर्ट बंद कर देते हैं। इसी वजह से बाजार में कई पुराने वर्जन लंबे समय तक सक्रिय रहते हैं, जिसे Android fragmentation कहा जाता है। इसके विपरीत, Apple अपने डिवाइस पर लंबे समय तक सॉफ्टवेयर अपडेट देता है, जिससे सुरक्षा स्तर अपेक्षाकृत स्थिर रहता है।
यूजर्स क्या करें
बिना सिक्योरिटी अपडेट वाले फोन हैकिंग, डेटा चोरी और बैंकिंग फ्रॉड के लिए आसान लक्ष्य बन सकते हैं। हालांकि Google Play Protect जैसी सेवाएं सीमित सुरक्षा देती हैं, लेकिन वे सिस्टम-लेवल पैच की जगह नहीं ले सकतीं। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि कोई डिवाइस Android 13 या उससे ऊपर अपडेट नहीं हो सकता, तो नया स्मार्टफोन लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
डिजिटल दौर में व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है, ऐसे में समय रहते सुरक्षित डिवाइस पर शिफ्ट होना समझदारी भरा कदम माना जा रहा है।











