Fraud Case Jashpur : जशपुर (19 फरवरी 2026): जशपुर पुलिस ने बेरोजगारी का फायदा उठाकर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रदीप पंडा ने खुद को कलेक्ट्रेट का बड़ा अधिकारी बताकर दो युवकों को सुरक्षा गार्ड की नौकरी लगवाने का झांसा दिया और उनसे कुल 4 लाख 35 हजार रुपये की धोखाधड़ी की। सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी को एक होटल से घेराबंदी कर पकड़ा और अब उसे जेल भेज दिया गया है।
जमीन गिरवी रखकर दिए थे पैसे
प्रार्थी रोहित खाखा के अनुसार, आरोपी प्रदीप पंडा ने उसकी मां को झांसे में लेकर बताया कि कलेक्ट्रेट में सुरक्षा गार्ड के पद खाली हैं। पहली किस्त के रूप में उसने 50 हजार रुपये लिए। बाद में ज्वाइनिंग लेटर का लालच देकर उसने दोबारा 1.50 लाख रुपये की मांग की। बेटे की नौकरी की खातिर बेबस मां ने गांव की जमीन गिरवी रखकर आरोपी को पैसे दे दिए।
दूसरे युवक को भी बनाया निशाना
ठगी का सिलसिला यहीं नहीं थमा। आरोपी ने एक और पद खाली होने का झांसा दिया, जिसके बाद उमेश भगत नाम के एक अन्य युवक की मां से भी 2 लाख 35 हजार रुपये ठग लिए। जब लंबे समय तक ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला और आरोपी टालमटोल करने लगा, तब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई।
ठगी की रकम से सजाया अपना ऑफिस
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी प्रदीप पंडा (निवासी रायगढ़) ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि ठगी के पैसों से उसने अपनी पुरानी उधारी चुकाई और जशपुर के भट्टी रोड पर एक ऑफिस खोला, जहाँ उसने कंप्यूटर, टेबल और कुर्सियां खरीदीं। पुलिस ने उसके ऑफिस से यह सारा सामान जब्त कर लिया है।
पुलिस की टीम और कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, एएसआई विपिन किशोर केरकेट्टा और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।













