MP Farmers Distress : भोपाल। पूर्व कृषि मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन यादव ने आज भोपाल में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर राज्य की भाजपा सरकार पर किसानों के मुद्दे पर जमकर हमला बोला। यादव ने आरोप लगाया कि पिछले दो सालों के कार्यकाल में सरकार ने केवल “ढिंढोरा पीटने” का काम किया है, जबकि धरातल पर किसानों की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान लगातार संकट में हैं और उन्हें चुनावी वादों का लाभ नहीं मिल रहा है।
MP Farmers Distress : सचिन यादव ने कांग्रेस के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि कमलनाथ सरकार ने एक साल में किसानों के हित में अभूतपूर्व कार्य किए थे। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस की नीतियों में किसान सर्वोपरि थे, जिसके तहत किसानों का कर्ज माफ किया गया था और 27% ओबीसी आरक्षण दिया गया था, जो सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम था।
MP Farmers Distress : उन्होंने वर्तमान सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की स्थिति बदतर है, जहाँ 10 घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं मिल रही है, और अघोषित बिजली कटौती आम हो गई है। कृषि नीतियों पर सवाल उठाते हुए यादव ने आरोप लगाया कि 2025 में सोयाबीन की सरकारी खरीदी बंद कर दी गई है और सरकार भावांतर जैसी पुरानी “लूट योजना” को वापस ले आई है, जिससे किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
MP Farmers Distress : यादव ने भाजपा के चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कहा कि सरकार ने गेहूं ₹2700 प्रति क्विंटल और धान ₹3100 प्रति क्विंटल पर खरीदने का वादा किया था, लेकिन ये वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि एक तरफ किसानों को फसल का उचित भाव नहीं मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर उन्हें आवश्यक खाद नहीं मिल पाता है। खाद मांगने पर किसानों की पिटाई की जा रही है, जो अत्यंत निंदनीय है।
MP Farmers Distress : पूर्व कृषि मंत्री ने खाद वितरण की गुणवत्ता पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लोकसभा में दिए गए आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि गुणवत्ताहीन खाद बांटे जाने के मामले में मध्य प्रदेश देश में तीसरे नंबर पर है, जबकि गलत तरीके से खाद वितरण के मामले में राज्य देश में दूसरे नंबर पर है। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े सरकार के दावों की पोल खोलते हैं और यह सिद्ध करते हैं कि प्रदेश की कृषि व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है।













