आसमान में मौत से सामना! फ्लाईदुबई कैप्टन स्मित मछार ने बताया उड़ते विमान में हमले का सच

Rahul Goshwami

Flydubai Flight Captain Attack: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- कैप्टन स्मित मछार के मुताबिक, फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के शुरुआती करीब दो घंटे सामान्य रहे। इसी दौरान को-पायलट अल हमामी ने नमाज पढ़ने की इच्छा जताई। कैप्टन ने बताया कि उन्होंने उसकी धार्मिक आस्था का सम्मान किया और पीछे की ओर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, कुछ देर बाद ही उन पर हमला कर दिया गया।

सिर पर चोट लगी, नजर के सामने छाने लगा अंधेरा
कैप्टन ने बताया कि हमला अचानक हुआ, इसलिए उन्हें शुरुआत में कुछ समझ नहीं आया। उन्हें ऐसा महसूस हुआ, जैसे विमान की छत का कोई हिस्सा टूटकर सिर पर गिर गया हो। उनकी नजर धुंधली होने लगी और वह बार-बार बेहोश होने लगे। चोट इतनी गंभीर थी कि उनके लिए हिलना-डुलना और दरवाजा खोलना भी मुश्किल हो गया था।

बेहोशी के बीच भी यात्रियों की सुरक्षा की चिंता
स्मित मछार के अनुसार, हमले के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन उनके मन में विमान में सवार लोगों की सुरक्षा का ख्याल था। उन्होंने हिम्मत जुटाकर हमलावर का सामना किया और दरवाजा खोलने की कोशिश की। उनके मुताबिक, इस दौरान हमलावर की धमकी के कारण हालात और मुश्किल हो गए।कैप्टन ने यह भी बताया कि उन्हें महसूस होने लगा था कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। इंजन की आवाज में बदलाव से उन्हें अंदेशा हुआ कि उड़ान में कुछ गंभीर गड़बड़ हो रही है।
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कॉकपिट तक पहुंचने में क्रू और यात्रियों ने की मदद
कैप्टन ने इंटरव्यू में बताया कि किसी तरह आगे बढ़ते हुए वह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद विमान में मौजूद कुछ यात्री और क्रू सदस्य अंदर पहुंचे और हमलावर से बचने में मदद की। इस दौरान विमान का नियंत्रण संभालना बेहद अहम हो गया था।

सऊदी अरब में हुई आपात लैंडिंग
कैप्टन के बयान के मुताबिक, इसके बाद दूसरे पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और उसे सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया। वहां विमान की आपात लैंडिंग कराई गई। कैप्टन ने कहा कि इस घटनाक्रम के दौरान विमान में मौजूद करीब 180 लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता थी।

घटना याद कर आज भी बढ़ जाती है धड़कन
स्मित मछार ने कहा कि उस अनुभव को याद करना आज भी उनके लिए आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि घटना को याद करते ही उनकी दिल की धड़कन तेज हो जाती है। उनके बयान से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उड़ान के दौरान अचानक हुए हमले ने उन्हें किस तरह प्रभावित किया।इस घटना को लेकर विमानन सुरक्षा और कॉकपिट तक पहुंच को नियंत्रित करने वाले नियमों पर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, घटना के कारणों, जांच की स्थिति और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों की पुष्टि के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।

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