नई दिल्ली: 21 नवंबर 2025: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देशभर के कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, EPFO वेतन सीमा को वर्तमान 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इस बदलाव से लगभग 1 करोड़ से अधिक कर्मचारी EPS पेंशन के दायरे में शामिल हो जाएंगे।
EPS पेंशन की वर्तमान सीमा और बदलाव
EPS (Employees’ Pension Scheme) के तहत पेंशन की गणना केवल 15,000 रुपये प्रति माह तक के वेतन के आधार पर की जाती है। यानी किसी कर्मचारी का वेतन 25,000 या 40,000 रुपये भी हो, पेंशन की गणना केवल 15,000 रुपये के आधार पर होती थी। प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर यह सीमा बढ़कर 25,000 रुपये हो जाएगी, जिससे अधिक वेतन वाले कर्मचारियों की पेंशन राशि बढ़ेगी और भविष्य में बेहतर पेंशन मिल सकेगी।
पुराने सिस्टम में बदलाव की जरूरत
मुंबई में एक बिजनेस इवेंट में, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि पुराने वेतन सीमाओं को बदलना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सीमा 15,000 रुपये से थोड़ा ज्यादा कमाने वाले कर्मचारी EPS में शामिल नहीं हो पाते और बुजुर्ग होने पर उन्हें अपने बच्चों पर निर्भर रहना पड़ता है।
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EPS में अन्य अहम बदलाव
- पेंशन राशि निकालने की इंतजार अवधि 2 महीने से बढ़ाकर 36 महीने कर दी गई है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।
- सरकार न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह की सीमा की समीक्षा कर रही है। पिछले 11 साल से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
- EPS सुधार से कर्मचारियों को लंबी अवधि की सुरक्षा और रिटायरमेंट बेनिफिट्स में सुधार मिलेगा।
पेंशन सुधार का व्यापक महत्व
इन बदलावों से न केवल कर्मचारियों की पेंशन सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि महंगाई और जीवन की बढ़ती लागत के बीच उन्हें बेहतर आर्थिक समर्थन मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत में पेंशन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।











