कवर्धा। Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। माओवादियों की केंद्रीय कमेटी की ओर से कथित तौर पर सरकार को भेजे गए पत्र में पहली बार हथियारबंद संघर्ष को अस्थायी रूप से रोकने और शांति वार्ता की पेशकश की गई है। हालांकि, इस पर सरकार ने सतर्क रुख अपनाया है।
Chhattisgarh News : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब तक पत्र की सत्यता की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक कोई ठोस पहल नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा— “राज्य सरकार शांति की समर्थक है, लेकिन किसी भी रणनीति या छल से सावधान रहना जरूरी है।”
सूत्रों के मुताबिक, इस पत्र में माओवादियों ने दावा किया है कि मार्च 2025 से वे गंभीरता और ईमानदारी के साथ शांति वार्ता के लिए इच्छुक हैं। पत्र में मई 2025 में पार्टी महासचिव बसवराजू समेत 28 साथियों की मौत का ज़िक्र करते हुए केंद्र सरकार पर सैन्य कार्रवाई तेज करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि पिछली कोशिशें अधूरी न रह जाएं, इसलिए उन्होंने एक बार फिर सीजफायर और बातचीत की अपील की है।
सरकार ने इस पत्र को जांच एजेंसियों को सौंप दिया है। अगर यह पत्र वाकई माओवादी नेतृत्व की ओर से आया पाया गया, तो यह नक्सल आंदोलन के भविष्य को लेकर एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।









