पणजी। Nishaanebaz.com-Nana Patekar Death Case: हिंदी और मराठी फिल्मों के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के गोवा में हुए अचानक निधन के मामले में स्थानीय पुलिस ने अननेचुरल डेथ (अप्राकृतिक मृत्यु) का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत प्रकरण दर्ज कर पूरे मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है। डॉक्टरों के अनुसार, जब नाना पाटेकर को अस्पताल लाया गया था, तब तक उनकी सांसे थम चुकी थीं।
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चिकित्सकीय एवं कानूनी नियमों के मुताबिक, जब भी किसी व्यक्ति को अस्पताल में मृत अवस्था (ब्रॉट डेड) में लाया जाता है, तो अस्पताल प्रशासन द्वारा अनिवार्य रूप से पुलिस को सूचित किया जाता है। इसके तहत इसे ‘मेडिको-लीगल केस’ (MLC) और अननेचुरल डेथ के रूप में दर्ज कर शव का पोस्टमॉर्टम कराना कानूनी रूप से आवश्यक होता है। इसी प्रक्रिया के तहत पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू की है।
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चिकित्सकों के अनुसार, नाना पाटेकर की मौत का प्राथमिक कारण कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) माना जा रहा है। वे पहले से ही हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित थे और उनका नियमित इलाज जारी था। हालांकि, मौत की वास्तविक और सटीक वजहों की आधिकारिक पुष्टि के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज (GMC) में पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों और मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यदि जांच में मृत्यु प्राकृतिक पाई जाती है, तो कानूनी प्रक्रिया पूरी कर केस बंद कर दिया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि 75 वर्षीय अभिनेता नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर को गोवा स्थित उनके आवास पर हुआ था। उनका अंतिम संस्कार पुणे के पास स्थित उनके डोंजे गांव के फार्महाउस ‘नानाची वाड़ी’ में राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हो चुका है। उनकी धर्मपत्नी नीलकांति पाटेकर और सुपुत्र मल्हार पाटेकर ने उन्हें मुखाग्नि दी। कला जगत और उनके लाखों प्रशंसक उनके यूं अचानक चले जाने से स्तब्ध और शोकाकुल हैं।

