Elephantiasis Prevention Campaign Chhattisgarh : गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (13 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार और शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ के राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) प्रकोष्ठ के तत्वाधान में, डॉ. भंवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय घरघोड़ा में एक दिवसीय फाइलेरिया रोधी दवा सेवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शिविर में कॉलेज स्टाफ और लगभग 95 छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से हाथीपांव की रोकथाम के लिए दवा का सेवन किया।
2030 तक भारत को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे रेड क्रॉस प्रभारी अजय कुमार मिश्रा ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक राष्ट्र को फाइलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में प्रतिवर्ष यह दवा नि:शुल्क खिलाई जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
क्या है फाइलेरिया और कैसे बचें?
विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि:
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संक्रमण: यह बीमारी संक्रमित कुलेक्स मादा मच्छर के काटने से फैलती है।
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लक्षण: इसमें पैर सामान्य से अत्यधिक मोटे हो जाते हैं (हाथी के समान), जिसे हाथीपांव कहा जाता है। एक बार होने के बाद यह ला-इलाज हो जाती है।
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बचाव: मच्छरदानी का प्रयोग, आसपास जलजमाव न होने देना और समय पर फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन ही इसका एकमात्र बचाव है।
इनका रहा मार्गदर्शन
यह कार्यक्रम महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष अरुण कुमार पंडा के संरक्षण, प्राचार्य डॉ. जगदीश तिर्की और रासेयो कार्यक्रम अधिकारी एस.एल. साहू के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में डॉ. रविंद्र कौर (समन्वयक रासेयो) और भोज राम पटेल (जिला संगठक) के निर्देशों का पालन करते हुए स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति शपथ भी ली गई।













