Egyptian Vultures Indore : इंदौर (20 फरवरी 2026): इंदौर वनमंडल में हाल ही में संपन्न हुई ‘गिद्ध गणना 2025-26’ के परिणाम पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बेहद सुखद रहे हैं। 20 फरवरी 2025 को की गई गणना के विस्तृत आंकड़े आज साझा किए गए, जिसके अनुसार पूरे वनमंडल में कुल 97 गिद्ध दर्ज किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये सभी गिद्ध ईजीपशियन (Egyptian) प्रजाति के पाए गए हैं, जो जैव-विविधता के लिए एक बेहतरीन संकेत है।
चोरल क्षेत्र में गिद्धों का ‘बसेरा’
वन विभाग द्वारा जारी क्षेत्रवार आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इंदौर का चोरल क्षेत्र गिद्धों के संरक्षण के लिए सबसे उपयुक्त स्थान बन चुका है। गणना के दौरान पाए गए कुल 97 गिद्धों में से अकेले चोरल क्षेत्र में 89 गिद्ध दर्ज किए गए। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों की स्थिति इस प्रकार रही:
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इंदौर क्षेत्र: 04 गिद्ध
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महू क्षेत्र: 02 गिद्ध
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मानपुर क्षेत्र: 02 गिद्ध
ईजीपशियन प्रजाति का दबदबा
गिद्धों की प्रजातियों के मामले में इंदौर वनमंडल में इस बार केवल ईजीपशियन प्रजाति के ही गिद्ध देखे गए। विशेषज्ञों का मानना है कि चोरल और आसपास के जंगलों में भोजन की उपलब्धता और सुरक्षित ऊंचे स्थानों के कारण गिद्धों का झुंड यहाँ केंद्रित हो रहा है। ईजीपशियन गिद्धों को ‘सफेद गिद्ध’ के नाम से भी जाना जाता है और ये पारिस्थितिकी तंत्र में ‘सफाई कर्मचारी’ की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संरक्षण के लिहाज से सकारात्मक संकेत
इंदौर वनमंडल के अधिकारियों के अनुसार, चोरल क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में गिद्धों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि यहाँ का प्राकृतिक आवास इस संकटग्रस्त प्रजाति के अनुकूल है। विभाग अब इन क्षेत्रों में गिद्धों के प्रजनन और सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में इस संख्या को और बढ़ाया जा सके।













