बैतूल। Betul Student Felicitation: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में किसान परिवारों के प्रतिभावान विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रतिभा को सम्मानित करने और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। सोहागपुर स्थित श्रीजी शुगर एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड के मिल परिसर में आयोजित इस भव्य सम्मान समारोह के दौरान कक्षा 10वीं, 12वीं और एमबीबीएस (MBBS) में चयनित कुल 54 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 15 लाख 84 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इस गरिमामयी कार्यक्रम में बैतूल के कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे विशेष अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में शुगर मिल के संचालक अखिलेश गोयल और अभिषेक गोयल ने मुख्य अतिथि कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। इसके बाद मिल प्रबंधन की ओर से किसानों के साथ-साथ उनके बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने की अपनी इस दीर्घकालिक परंपरा और पहल के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया। प्रबंधन ने बताया कि किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना इस पूरी पहल का मुख्य केंद्रबिन्दु रहा है।
समारोह के दौरान कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सम्मानित होने वाले सभी मेधावी विद्यार्थियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया और उनकी शैक्षणिक यात्रा तथा भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने शुगर मिल प्रबंधन की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि औद्योगिक प्रबंधन केवल कृषि कार्यों तक सीमित न रहकर किसानों के बच्चों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने और उनके भविष्य को संवारने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विद्यार्थियों के करियर मार्गदर्शन पर बात करते हुए कलेक्टर ने कहा कि किसान परिवारों के बच्चों में करियर के प्रति बढ़ती विविधता एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह देते हुए कहा कि हर युवा को अपनी रुचि, क्षमता और आंतरिक इच्छा के अनुसार ही अपने करियर का मार्ग चुनना चाहिए। किसी अन्य व्यक्ति की देखा-देखी उसके पीछे भागने की आवश्यकता नहीं है। जीवन में वही कार्य चुना जाना चाहिए जिसे करने की भीतर से प्रबल इच्छा हो।
कलेक्टर ने छात्रों को आत्ममंथन करने का मंत्र देते हुए कहा कि केवल यह निर्धारित कर लेना पर्याप्त नहीं है कि किस क्षेत्र में जाना है, बल्कि यह भी सोचना जरूरी है कि उस क्षेत्र में पहुंचकर वे समाज के लिए क्या सकारात्मक योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि अपने आप से यह सवाल अवश्य पूछना चाहिए कि जिस परिवेश और समाज से वे आते हैं, भविष्य में उसके उत्थान के लिए वे क्या कर सकेंगे। शिक्षा और सफलता का वास्तविक महत्व तभी सिद्ध होता है, जब व्यक्ति अपनी उपलब्धियों के माध्यम से समाज और देश को कुछ वापस लौटा सके। कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर ने सभी 54 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उनके साथ समूह चित्र खिंचवाकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान परिवारों के सदस्य और मिल का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।


