Dr Charan Das Mahant Statement : रायपुर : बलरामपुर जिले के हंसपुर गांव में अवैध उत्खनन की जांच के दौरान प्रशासनिक टीम द्वारा की गई कथित पिटाई से एक आदिवासी बुजुर्ग की मौत और कई अन्य के घायल होने पर राजनीति गर्मा गई है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस घटना को ‘प्रशासनिक बर्बरता’ और ‘गुंडागर्दी’ करार दिया है।
“जनता के रक्षक ही बन गए भक्षक”
नेता प्रतिपक्ष ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों का यह कृत्य विचलित करने वाला है। डॉ. महंत ने कहा, “लोकतांत्रिक व्यवस्था में जिन कंधों पर जनता की रक्षा की जिम्मेदारी है, वे ही जब भक्षक बन जाएं, तो यह समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा है। अधिकारियों की इस गुंडागर्दी को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।”
डॉ. महंत की सरकार से 4 बड़ी मांगें:
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उच्चस्तरीय जांच: पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और रिटायर्ड जज की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
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FIR और गिरफ्तारी: घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल हत्या का मामला (FIR) दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
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उचित मुआवजा: मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जाए।
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मुफ्त इलाज: गंभीर रूप से घायल अन्य ग्रामीणों के बेहतर इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करे।
कांग्रेस देगी बड़ा आंदोलन
डॉ. महंत ने चेतावनी दी है कि कांग्रेस पार्टी इस दुख की घड़ी में पीड़ित आदिवासी परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द ही दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर अवैध उत्खनन की जांच के नाम पर ग्रामीणों को लाठी-डंडों से पीटने का अधिकार अधिकारियों को किसने दिया?













