Diwali 2025 : आज 20 अक्टूबर को ही दीपावली मनाना क्यों है अधिक शुभ, जानिए कारण…

Parivesh
Diwali 2025

Diwali 2025 : रायपुर : इस वर्ष भी दीपावली की तिथि को लेकर भक्तों और पंडितों के बीच संशय की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि अमावस्या तिथि दो दिन पड़ रही है। हालांकि, ज्योतिषाचार्यों ने तिथि और काल गणना के आधार पर स्पष्ट किया है कि 20 अक्टूबर (सोमवार) को ही दीपावली मनाना अधिक शुभ और लाभप्रद रहेगा।

Diwali 2025 : ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार, 20 अक्टूबर को सुबह चतुर्दशी तिथि है, लेकिन दोपहर 3:44 बजे से अमावस्या तिथि लग रही है।

20 अक्टूबर को दीपावली मनाने के प्रमुख कारण:

  1. प्रदोष काल की युति: ‘तिथि तत्व’ और ‘निर्णय सिन्धु’ जैसे ज्योतिष ग्रंथों के विश्लेषण के अनुसार, लक्ष्मी पूजन के लिए अमावस्या और प्रदोष काल की युति होना अत्यंत लाभकारी होता है, जो 20 अक्टूबर को प्राप्त हो रहा है।

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  1. निशीथ काल की उपलब्धता: पूजन के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले निशीथ काल और महा निशीथ काल भी 20 अक्टूबर की रात्रि को ही उपलब्ध हैं।
  2. 21 अक्टूबर को प्रदोष का अभाव: 21 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि वृद्धिगामिनी होने के कारण निशीथ काल और महा निशीथ काल दोनों ही प्राप्त नहीं होंगे।
  3. एक घटी (24 मिनट) प्रदोष नियम: शास्त्र यह भी कहते हैं कि यदि दोनों दिन अमावस्या और प्रदोष का स्पर्श हो, तो दूसरे दिन (21 अक्टूबर) सूर्यास्त के बाद कम से कम 1 घटी (यानी 24 मिनट) तक प्रदोष होना चाहिए। लेकिन 21 अक्टूबर को सूर्यास्त के बाद केवल 21 मिनट तक ही प्रदोष है, जो एक घटी से कम है।

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ज्योतिषाचार्यों का मत है कि 21 तारीख को समयानुकूल प्रदोष की अनुपलब्धता और 20 तारीख को प्रदोष काल की युति उपलब्ध होने के कारण, 20 अक्टूबर को ही दीपावली मनाना उचित और शास्त्रसम्मत है।

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