District Statistics Handbook : इंदौर: जिले में भविष्य की विकास योजनाओं को सटीक और प्रभावी बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को कलेक्टर शिवम वर्मा ने जिला योजना अधिकारी माधव बेंडे द्वारा संकलित और प्रकाशित तीन महत्वपूर्ण पुस्तकों— ‘जिला विकास पुस्तिका’, ‘जिला सांख्यिकी पुस्तिका’ और ‘जिले के प्रमुख आंकड़े’ का विमोचन किया। इन पुस्तकों को इंदौर जिले के विकास का ‘डेटा बैंक’ माना जा रहा है, जिनमें पिछले तीन वर्षों के सभी सरकारी विभागों के महत्वपूर्ण आंकड़े एक ही स्थान पर संकलित किए गए हैं।
अक्सर देखा जाता है कि जिले के लिए कोई नई योजना तैयार करते समय अलग-अलग विभागों से पुराने आंकड़े जुटाना एक बड़ी चुनौती होती है। इस समस्या को हल करने के लिए जिला योजना अधिकारी माधव बेंडे पिछले कई वर्षों से इस पर काम कर रहे थे। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे जैसे सभी प्रमुख विभागों के आंकड़ों को एकत्रित कर उन्हें व्यवस्थित रूप दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ये पुस्तकें प्रशासन के लिए नीति निर्धारण में ‘मील का पत्थर’ साबित होंगी।
जिला योजना अधिकारी माधव बेंडे ने बताया कि इन पुस्तकों में न केवल वर्तमान विकास कार्यों का विवरण है, बल्कि पूर्व में संचालित योजनाओं के परिणामों के आंकड़े भी शामिल हैं। यह संकलन न केवल प्रशासनिक अधिकारियों के लिए सहायक होगा, बल्कि शोध (Research) करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी जानकारी का एक आधिकारिक और महत्वपूर्ण स्रोत बनेगा। आंकड़ों की उपलब्धता से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति आएगी।
आम नागरिक और शोधार्थी इन पुस्तकों को एनआईसी (NIC) के आधिकारिक पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, पुस्तकों की भौतिक प्रति जिला योजना कार्यालय से भी प्राप्त की जा सकती है। विमोचन के अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और सांख्यिकी विभाग की खुशबू सिंह सेंगर सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। इस पहल से इंदौर अब डेटा-आधारित गवर्नेंस की दिशा में और मजबूती से आगे बढ़ेगा।











