निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद में नया मोड़ सामने आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के दो न्यायाधीशों ने परिसर का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। यह निरीक्षण 16 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान दिए गए निर्देश के तहत किया गया।
अगली सुनवाई 2 अप्रैल को
हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को निर्धारित की है। इस दौरान भोजशाला के वास्तविक धार्मिक स्वरूप को लेकर नियमित सुनवाई शुरू की जाएगी, जो इस विवाद के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष
वहीं, मुस्लिम पक्ष ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने हाईकोर्ट के 16 मार्च के आदेश को चुनौती देते हुए नई याचिका दायर की है। इस पर सुप्रीम कोर्ट 1 अप्रैल को सुनवाई करेगा।
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ASI रिपोर्ट पर उठे सवाल
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि उन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। इसी आधार पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में राहत की मांग की है।
98 दिनों तक चला था सर्वे
गौरतलब है कि भोजशाला परिसर में 22 मार्च 2024 से ASI द्वारा वैज्ञानिक सर्वे शुरू किया गया था, जो करीब 98 दिनों तक चला। जुलाई 2024 में इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की रोक के कारण आगे की कार्रवाई रुकी रही।
अब खुला आगे का रास्ता
वर्ष 2026 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक हटाए जाने के बाद अब इस मामले में आगे की प्रक्रिया तेज हो गई है। लगातार हो रही सुनवाई और निरीक्षण से यह मामला अब निर्णायक चरण की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
👉 भोजशाला विवाद पर आने वाले दिनों में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है, जिससे इस लंबे समय से चल रहे विवाद का समाधान निकल सकता है।











