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C.G News : धमतरी में अवैध धान स्टॉक का खुलासा! 2 राइस मिलों से जब्त 5 करोड़ से अधिक का भंडार, सरकारी निगरानी पर उठी चिंता

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धमतरी : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अवैध धान कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिले के खाद्य, मंडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने दो राइस मिलों पर छापेमारी कर कुल 22,856 क्विंटल धान और 10,060 क्विंटल चावल जब्त किया। इस अवैध भंडारण की बाजार कीमत लगभग 5 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

अवैध स्टॉक बरामद
पहली कार्रवाई ग्राम सोरम स्थित फूल मिनी राइस मिल में की गई। यहां टीम ने 6,000 क्विंटल अवैध धान और 1,910 क्विंटल चावल बरामद किया। मिल संचालक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसके बाद शहर स्थित अशोक राइस मिल पर दबिश दी गई, जहां 16,856 क्विंटल धान और 8,150 क्विंटल चावल जब्त किया गया। दोनों मिलों पर रिकॉर्ड और वैध दस्तावेज अनुपस्थित पाए गए। प्रशासन ने मौके पर ही पूरे स्टॉक को सील कर दिया।

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कलेक्टर का बयान
धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि जिले में अवैध धान व्यापार के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी धान खरीदी प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस मामले ने सरकारी धान खरीदी प्रक्रिया और उसकी निगरानी पर सवाल खड़ा कर दिया है। आमतौर पर केंद्र और राज्य सरकार के तहत MSP (Minimum Support Price) योजना के तहत किसान अपना धान सीधे सरकारी एजेंसियों को बेचते हैं। लेकिन अवैध धान स्टॉक मिलने से यह स्पष्ट होता है कि खरीदी और भंडारण प्रक्रिया में कहीं न कहीं निगरानी कमजोर रही। सवाल उठता है कि आखिर ऐसे बड़े स्तर पर भंडारण की जानकारी संबंधित विभागों को क्यों नहीं हुई और अधिकारियों की जिम्मेदारी कहाँ रही?

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स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और सरकारी एजेंसियों से मांग की है कि अवैध धान स्टॉक की जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में किसानों की उपज सुरक्षित रूप से खरीदी जाए। इसके अलावा, खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने और निगरानी मजबूत करने की भी आवश्यकता है।

देखा जाए तो, धमतरी प्रशासन की यह कार्रवाई अवैध धान व्यापारियों के लिए चेतावनी तो है ही, साथ ही सरकारी खरीदी प्रणाली और विभागीय जिम्मेदारी पर सवाल भी खड़ा करती है। इस मामले की जांच और जवाबदेही स्पष्ट होना आवश्यक है।

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