निशानेबाज न्यूज़ डेस्क: दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक के बाद पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है। सोमवार को हुई इस घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उत्तरी दिल्ली के रूप नगर इलाके से ड्राइवर समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है और घटना में इस्तेमाल की गई टाटा सिएरा कार को जब्त कर लिया गया है।
आरोपी की मानसिक स्थिति पर सवाल
मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी के बड़े भाई के पार्टनर सोनपाल सिंह ने दावा किया कि सरबजीत सिंह मानसिक रूप से बीमार है और पिछले 7-8 वर्षों से उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि आरोपी कई बार अपना मानसिक संतुलन खो देता है और पहले भी उसका इलाज फैजीनपुर में कराया जा चुका है।
सोनपाल सिंह के मुताबिक, आरोपी का भतीजा भी पिछले कुछ समय से लापता है, जिससे वह मानसिक रूप से और अधिक परेशान था। इसी स्थिति में वह मुख्यमंत्री से मिलने विधानसभा पहुंच गया।
#WATCH | Pilibhit, UP | Delhi Assembly Security Breach | Sonpal Singh, partner of the accused’s elder brother, says, “Sarabjit’s (accused) elder brother is my partner in my work… His nephew, who has been studying PG in Delhi since 1st December, has disappeared from there, and… pic.twitter.com/QDExRo3re8
— ANI (@ANI) April 6, 2026
कैसे हुई सुरक्षा में सेंध
घटना सोमवार दोपहर करीब 2:10 बजे की है, जब एक नकाबपोश व्यक्ति अपनी SUV लेकर विधानसभा के गेट नंबर-2 को तोड़ते हुए अंदर घुस गया। अंदर जाने के बाद उसने विधानसभा स्पीकर की आधिकारिक कार में गुलदस्ता और माला रख दी और उसी रास्ते से बाहर निकल गया।
उस वक्त स्पीकर विजेंद्र गुप्ता अपने कार्यालय में मौजूद थे। घटना के दौरान परिसर में दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के 100 से अधिक जवान तैनात थे, बावजूद इसके यह पूरी वारदात महज 5 से 7 मिनट में अंजाम दे दी गई।
तलाशी अभियान में कुछ नहीं मिला
घटना के बाद पूरे विधानसभा परिसर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। पुलिस, बम निरोधक दस्ते और फोरेंसिक टीमों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। गुलदस्ते की भी जांच की गई है।
आरोपी की पहचान और जांच जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के पीलीभीत निवासी 37 वर्षीय सरबजीत सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह किसान आंदोलन का समर्थक भी रहा है।
इस बीच यूपी पुलिस ने आरोपी के घर पहुंचकर परिवार से पूछताछ की है। वहीं, पूरे मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जिसकी निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है।इस घटना ने एक बार फिर राजधानी की हाई-सिक्योरिटी जोन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।











