Saturday, August 15, 2026
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क्रेडा विवाद : सवन्नी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप निकले झूठे, जांच रिपोर्ट में खुलासा

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क्रेडा विवाद : रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के चेयरमैन भूपेंद्र सवन्नी को भ्रष्टाचार के आरोपों में क्लीनचिट मिल गई है। कुछ वेंडरों ने उन पर 3 प्रतिशत कमीशन मांगने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की गई थी, जिन्होंने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच की जिम्मेदारी ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव को सौंपी गई थी।

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ऊर्जा सचिव ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री सचिवालय को सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपों की पुष्टि के लिए कोई प्रामाणिक या ठोस साक्ष्य नहीं मिले। जांच में वेंडरों की शिकायतें निराधार और आधारहीन पाई गईं, जिसके आधार पर भूपेंद्र सवन्नी को पूरी तरह से आरोपमुक्त कर दिया गया है।

क्रेडा से जुड़े कुछ ठेकेदारों ने यह आरोप लगाया था कि सवन्नी अपने निजी सहायक वैभव दुबे के माध्यम से भुगतान के एवज में 3 प्रतिशत कमीशन की मांग करते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि पैसे नहीं देने पर उन्हें काम रद्द करने, जांच बैठाने और ब्लैकलिस्ट करने की धमकियां दी जा रही थीं। वेंडरों का दावा था कि वे वर्षों से क्रेडा के प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे हैं, लेकिन सवन्नी के कार्यभार संभालने के बाद से उन्हें अनावश्यक परेशान किया जा रहा है।

भूपेंद्र सवन्नी ने इन आरोपों को पहले ही सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह राजनीतिक साजिश बताया था। हालांकि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने जांच की निगरानी की और जल्द रिपोर्ट मांगी। इस जांच के चलते राजनीतिक हलकों में उनके खिलाफ संभावित कार्रवाई को लेकर कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही थीं।

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जांच रिपोर्ट में स्पष्ट निष्कर्ष आने के बाद अब उनके खिलाफ किसी तरह की प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई की संभावना समाप्त हो गई है। इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने सवन्नी को पद से हटाने की मांग की थी, जिससे यह मुद्दा कई दिनों तक प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना रहा।

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