Corruption in PWD Chhattisgarh : रायपुर (06 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपनी कड़क तेवर दिखाए हैं। मुख्य सचिव विकासशील को लिखे एक कड़े पत्र में उन्होंने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (सेतु) विजय कुमार भतपहरी पर करोड़ों रुपये के घोटाले और कमिशनखोरी के आरोप लगाते हुए उन्हें तुरंत पद से हटाने की मांग की है।

भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप और लंबित मामले
ननकी राम कंवर ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि विजय कुमार भतपहरी के खिलाफ वर्षों से भ्रष्टाचार के मामले लंबित हैं, लेकिन राजनीतिक पहुंच के कारण उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है:
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EOW और ACB में केस: भतपहरी के खिलाफ वर्ष 2011 (अपराध क्र. 56/2011) और वर्ष 2015 (अपराध क्र. 45/2015) में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी (धारा 420, 120बी) के तहत मामले दर्ज किए गए थे।
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4.37 करोड़ की गड़बड़ी: मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की जांच रिपोर्ट (2006) में यह प्रमाणित हुआ था कि राजनांदगांव संभाग में पदस्थापना के दौरान स्वीकृत राशि से 4.37 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए गए थे।
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दस्तावेजों की चोरी: जांच में यह भी पाया गया था कि राजनांदगांव संभाग की तीन महत्वपूर्ण माप पुस्तिका (Measurement Book) गायब कर दी गई थीं, जो एक गंभीर अपराध है।
‘राजनीतिक पहुंच और काली कमाई’ का खेल
पूर्व गृहमंत्री ने पत्र में तीखा प्रहार करते हुए लिखा है कि भतपहरी अपनी राजनीतिक पहुंच और काली कमाई के दम पर जांच की फाइलों को दबवा देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की बैठकों के दौरान भी ऐसे दागी अधिकारियों के विरुद्ध चल रहे प्रकरणों को छिपाकर उन्हें उपकृत किया जाता है।
मुख्य सचिव से तीन प्रमुख मांगें
ननकी राम कंवर ने पत्र के माध्यम से शासन से तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया है:
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CBI जांच: विभाग और ACB में लंबित सभी मामलों की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जाए।
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पद से हटाना: जांच प्रभावित न हो, इसके लिए मुख्य अभियंता को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।
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नुकसान की वसूली: नियम विरुद्ध तरीके से ठेकेदारों को लाभ पहुँचाकर शासन को जो वित्तीय नुकसान पहुँचाया गया है, उसकी वसूली की जाए।
सत्ता के गलियारों में हलचल
ननकी राम कंवर की इस चिट्ठी ने एक बार फिर प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष को भी बैठे-बिठाए सरकार को घेरने का मुद्दा मिल गया है। अब देखना यह होगा कि मुख्य सचिव इस पर क्या संज्ञान लेते हैं।













