Chhindwara News : छिंदवाड़ा : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीली Coldrif कफ सिरप पीने से मासूम बच्चों की मौत के बाद इलाके में मातम पसरा है। जिन परिवारों ने अपने बच्चों की जान बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की, वे अब पूरी तरह टूट चुके हैं। पीड़ित परिवार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, यहां तक कि बुलडोजर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
तीन साल 11 महीने का था उसैद
भोईखेड़ा इलाके के यासीन, जो ऑटो चालक हैं, ने बताया कि उन्होंने बेटे उसैद के इलाज के लिए करीब साढ़े तीन लाख रुपये खर्च किए। डायलिसिस के पैसे नहीं होने पर उन्होंने अपना ऑटो तक बेच दिया। लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद वे अपने बेटे की जान नहीं बचा सके।
यासीन ने बताया कि बेटे की तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने स्थानीय डॉक्टर अमन सिद्दीकी से इलाज करवाया, जिन्होंने Coldrif सिरप लिखी थी। उस समय सदमे में होने के कारण किसी ने उन्हें पोस्टमार्टम कराने की सलाह नहीं दी। अब वे इसे करवाना भी नहीं चाहते।
चार दिन बाद उसैद का जन्मदिन था
उसैद की मां और दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि कुछ ही दिनों बाद, 10 अक्टूबर को उसैद का जन्मदिन था। परिवार इस बार छोटे बेटे के साथ मिलकर केक काटने की तैयारी कर रहा था। लेकिन अब घर में मातम छाया हुआ है।
अदनान की मौत, पिता ने कर्ज लेकर कराया इलाज
दूसरे मृतक अदनान (5 साल) के पिता अमीन, जो परासिया ब्लॉक में ग्राहक सेवा केंद्र चलाते हैं, ने भी बेटे के इलाज के लिए लोगों से कर्ज लिया। उन्होंने बताया कि करीब एक महीने तक उनकी दुकान बंद रही क्योंकि वे नागपुर में इलाज के लिए थे।
अमीन ने नम आंखों से बताया कि बेटे ने आखिरी बार मां से कहा था, “मुझे बचा लो, घर ले चलो।” उन्होंने और अदनान के दादा मजीब ने आरोपियों को *दवा माफिया* बताते हुए उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की है।
Chhindwara News : डॉ. सोनी को मिल रहा समर्थन
Chhindwara News : जहरीली दवा लिखने के आरोप में गिरफ्तार हुए डॉक्टर प्रवीण सोनी को अब स्थानीय समुदाय का समर्थन मिल रहा है। परासिया के कई मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि डॉ. सोनी पिछले 40 वर्षों से बच्चों का इलाज कर रहे हैं और उनके पास दूर-दूर से लोग आते थे।
Chhindwara News : उनका मानना है कि शायद दवा के किसी खास बैच में खराबी रही होगी, जिससे ये दुखद घटनाएं हुईं। फिलहाल, डॉ. सोनी का निजी क्लिनिक और उनकी पत्नी ज्योति का मेडिकल स्टोर सील कर दिया गया है, जहां से यह सिरप दी गई थी। इस पूरे मामले ने न सिर्फ प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को भी उजागर कर दिया है। पीड़ित परिवार अब न्याय की उम्मीद में हैं।











