Nishaanebaz.com-Beti Bachao Garba Theme: शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर जहां एक ओर पूरे देश में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जा रही है, वहीं छत्तीसगढ़ में सामाजिक बदलाव की मिसाल पेश करते हुए एक अनूठा आयोजन देखने को मिला है। समाजहित में सक्रिय महिलाओं के एक निजी संगठन ने इस बार नवरात्र के पर्व को केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रखकर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और महिला सशक्तिकरण की सशक्त थीम पर आयोजित किया है। गरबा नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को बेटियों की सुरक्षा और उनके उत्थान का एक गहरा संदेश दिया गया है।
विगत कई वर्षों से महिलाओं को मुख्य धारा से जोड़ रहा संगठन
विगत कई वर्षों से महिलाओं के कल्याण, उनके उत्थान और आत्मसम्मान के लिए निरंतर कार्य कर रहा यह संगठन नवरात्र के इन विशेष दिनों में मातृशक्ति को और अधिक मजबूत बनाने के अभियान में जुटा है। संस्था के जरिए न सिर्फ युवतियों और महिलाओं को आत्मरक्षा (Self-defense) और सुरक्षा संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का काम भी किया जा रहा है। कार्यशालाओं के आयोजन के माध्यम से महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और शासन की कल्याणकारी योजनाओं से भी अवगत कराया जा रहा है।
“बेटी के जन्म से लेकर हर कठिन परिस्थिति में साथ खड़ी है संस्था” — चेतना मिश्रा
आयोजन के मुख्य उद्देश्यों और संस्था के अब तक के सफर की जानकारी देते हुए संगठन की प्रमुख चेतना मिश्रा ने बताया कि उनकी संस्था बेटियों के जन्म से लेकर उनके जीवन में आने वाली हर कठिन से कठिन परिस्थिति में उनके संबल के रूप में खड़ी रहती है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन देश के अलग-अलग हिस्सों में महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कभी कार्यशालाओं के जरिए, कभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाकर तो कभी अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करके बच्चियों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का जो बीड़ा उन्होंने उठाया है, वह आगे भी पूरी निष्ठा के साथ जारी रहेगा। नवरात्र के इन आयोजनों के जरिए समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का एक मजबूत प्रयास किया जा रहा है।