रायपुर [Nishanebaaz News]Raipur Central Jail Release Independence Day। 79वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की जेलों में सजा काट रहे ऐसे कैदियों के जीवन में नई उम्मीद की किरण जगी है, जिनका जेल प्रवास के दौरान आचरण और व्यवहार सराहनीय रहा है। प्रदेश सरकार और जेल प्रशासन की नीति के तहत राज्य की पांचों केंद्रीय जेलों से कुल 100 सजायाफ्ता कैदियों की चरणबद्ध रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इसी कड़ी में रायपुर सेंट्रल जेल से आज 9 कैदियों को रिहा किया गया। जेल की चारदीवारी से बाहर निकलते समय कैदियों के हाथों में श्रीमद्भगवद्गीता की पावन पुस्तक नजर आई। बंदियों ने अपने किए पर पश्चाताप करते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटकर नई शुरुआत करने का संकल्प जताया।
प्रदेश की 5 केंद्रीय जेलों से रिहा होने वाले कैदियों का ब्योरा
15 अगस्त से पहले प्रदेश की पांचों प्रमुख केंद्रीय जेलों से कुल 100 बंदियों को रिहा किया जाना है:
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बिलासपुर सेंट्रल जेल: 48 कैदी
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रायपुर सेंट्रल जेल: 20 कैदी (जिनमें से 9 कैदी आज रिहा हुए)
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दुर्ग सेंट्रल जेल: 16 कैदी
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जगदलपुर सेंट्रल जेल: 09 कैदी
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अंबिकापुर सेंट्रल जेल: 08 कैदी
अच्छे आचरण और अनुशासन का मिला लाभ
जेल प्रशासन के अनुसार, यह लाभ उन कैदियों को दिया गया है जिन्होंने अपनी सजा का निर्धारित हिस्सा पूरा कर लिया है और जेल के भीतर रहकर अनुशासित जीवनशैली, सुधार कार्यक्रमों और रचनात्मक गतिविधियों में अपना सकारात्मक योगदान दिया है।
इसे कैदियों के जीवन में सुधार और उन्हें अपराध मुक्त समाज में दोबारा गरिमापूर्ण जीवन जीने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। हाथों में भगवद्गीता और मन में नई आस लिए जेल से बाहर आए कैदियों के परिजनों के चेहरों पर भी खुशी की झलक साफ दिखाई दी।

