रायपुर: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले मामले में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल और दीपेन चावड़ा को EOW की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा गया। चैतन्य को 6 अक्टूबर तक, दीपेन को 29 सितंबर तक रिमांड में रखा गया है।
रिमांड में पूछताछ:
- रिमांड के पहले दिन ही EOW ने दोनों से दो घंटे तक शराब घोटाले और ‘Big-Boss’ वॉट्सऐप ग्रुप में हुई चर्चा की जांच की।
- मोबाइल और सोशल मीडिया चैट्स की क्रॉस चेकिंग की गई।
- पूछताछ में लेन-देन, दस्तावेज, और सिंडिकेट के अन्य लोगों की जानकारी हासिल की गई।
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वॉट्सऐप ग्रुप ‘Big-Boss’:
- चैतन्य, अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा, सौम्या चौरसिया और पुष्पक जैसे लोग जुड़े थे।
- करोड़ों रुपए की हेराफेरी, मनी लॉन्ड्रिंग और निर्देश इसी ग्रुप में साझा होते थे।
- ED के अनुसार, चैतन्य ने 200 करोड़ रुपए की कमाई खुद की, जबकि 850 करोड़ रुपए कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक भेजे गए।
बंसल का खुलासा:
- दुर्ग-भिलाई के कारोबारी लक्ष्मी नारायण उर्फ पप्पू बंसल ने माना कि 1000 करोड़ रुपए से अधिक कैश चैतन्य और अनवर के माध्यम से मैनेज किया गया।
- रकम अनवर ढेबर → दीपेन चावड़ा → कांग्रेस नेताओं तक पहुंचाई गई।
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सिंडिकेट का गठन:
- फरवरी 2019 में होटल वेनिंगटन में मीटिंग में डिस्टलरी मालिकों और अफसरों ने सिंडिकेट बनाया।
- शराब सप्लाई में कमीशन तय किया गया और पूरे कारोबार को ए, बी और सी पार्ट में बांटा गया।
जांच जारी:
- EOW ने डिजिटल डेटा, बैंक लेन-देन और दस्तावेजी सबूतों की पड़ताल शुरू कर दी है।
- अन्य आरोपियों से भी जल्द पूछताछ की जाएगी।











