Chhattisgarh Liquor Scam : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किए गए रिटायर्ड आईएएस निरंजन दास, कारोबारी नीतेश पुरोहित, और यश पुरोहित को आज उनकी रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद ACB-EOW स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा। ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) दोबारा इनकी रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी ताकि सिंडिकेट की ‘मनी ट्रेल’ को पूरी तरह से उजागर किया जा सके।
Chhattisgarh Liquor Scam : तीनों की रिमांड बढ़ाने की तैयारी
ईओडब्ल्यू ने हाल ही में सिंडिकेट के मुख्य सदस्य अनवर ढेबर के मैनेजर दीपेन चावड़ा को भी रिमांड पर लिया है। जाँच एजेंसी की योजना है कि सभी आरोपियों—निरंजन दास, पुरोहित बंधुओं और दीपेन चावड़ा—को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाए, ताकि घोटाले के पैसे के लेन-देन की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
गिरफ्तारी का आधार: गिरीराज होटल और मनी लॉन्ड्रिंग
ईओडब्ल्यू के अनुसार, इन गिरफ्तारियों का आधार घोटाले की फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है:
- मनी ट्रेल का केंद्र: ईओडब्ल्यू का आरोप है कि शराब घोटाले का सारा पैसा सिंडिकेट के सदस्य अनवर ढेबर के पास आता था।
- गिरीराज होटल कनेक्शन: जनवरी 2019 से फरवरी 2020 तक अनवर यह पैसा जेल रोड स्थित गिरीराज होटल में रखवाता था। यह होटल नीतेश पुरोहित और यश पुरोहित की है।
- वितरण का रूट: इसी होटल से यह पैसा नेताओं, अधिकारियों, मंत्रियों और पार्टी फंड तक पहुंचाया जाता था।
- मैनेजर की भूमिका: दीपेन चावड़ा, जो अनवर का मैनेजर है, रकम पहुंचाने का काम करता था। आरोप है कि भ्रष्टाचार का पैसा भिलाई भी भेजा गया, जिसे लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू और चैतन्य ने मिलकर मैनेज किया।
- आईएएस पर आरोप: ईओडब्ल्यू का दावा है कि इस भ्रष्टाचार का एक हिस्सा तत्कालीन आयुक्त निरंजन दास के पास भी जाता था।
इन्हीं गंभीर आरोपों के चलते इन सभी की गिरफ्तारी हुई है और अब कोर्ट में रिमांड बढ़ाने की मांग की जाएगी।













