जांजगीर-चांपा। Janjgir Double Murder Case: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कीटनाशक मिली जहरीली शराब पिलाकर दो निर्दोष व्यक्तियों की दर्दनाक हत्या करने के बेहद गंभीर और चर्चित मामले में अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। सत्र न्यायालय के प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग की अदालत ने दोहरे हत्याकांड के इस मामले में आरोपी रामगोपाल खुंटे को दोषी ठहराते हुए दो बार पृथक-पृथक आजीवन कारावास की कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि दोषी को दोहरी उम्रकैद की सजा भुगतनी होगी। इसके साथ ही आरोपी पर कुल 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी रोपित किया गया है, जिसका भुगतान न करने की स्थिति में दोषी को 6-6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
यह सनसनीखेज वारदात नवागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम भठली की है। अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए तथ्यों के अनुसार, दोषी रामगोपाल खुंटे अपने घर से ही अवैध रूप से शराब बेचने का काम करता था। आरोपी के निवास स्थान से महज 100 मीटर की दूरी पर पीड़ित सुंदरलाल कुर्रे का घर स्थित था। सुंदरलाल के घर पर अक्सर बाहरी लोगों की आवाजाही बनी रहती थी, जिसको लेकर आरोपी रामगोपाल मन ही मन बेहद नाराज और रंजिश रखता था। लोगों के आने-जाने की इसी बात को लेकर सुंदरलाल और रामगोपाल के बीच पूर्व में भी कई बार विवाद और कहासुनी हो चुकी थी, जिसके चलते आरोपी ने एक खौफनाक साजिश रच डाली।
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घटना की शाम करीब 7 बजे की है, जब आरोपी रामगोपाल ने साजिश के तहत देशी मदिरा की 180 एमएल की शीशी में अत्यधिक जहरीला कीटनाशक मिलाया और सीधे सुंदरलाल कुर्रे के घर पहुंच गया। आरोपी ने सबसे पहले सुंदरलाल को वह शराब पीने की पेशकश की, लेकिन सुंदरलाल ने इसे पीने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने चालाकी दिखाते हुए घर की परछी में पहले से बैठे दो अन्य ग्रामीणों सीताराम लहरे और रोहित कुमार तेंदुलकर को वह शराब पीने के लिए दे दी। शराब का सेवन करते ही दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। आनन-फानन में दोनों को गंभीर हालत में उपचार हेतु अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर पर दबिश देकर विभिन्न प्रकार की कीटनाशक दवाइयों के खाली डिब्बे और सामग्रियां बरामद कीं। इसके पश्चात जब्त सामग्री और मृतकों के विसरा को सूक्ष्म जांच के लिए न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला बिलासपुर भेजा गया। फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट में मृतकों के शरीर में कार्बामेट श्रेणी के घातक कीटनाशक फेनोबुकार्ब के साथ-साथ इथाइल और मिथाइल अल्कोहल पाए जाने की पुष्टि हुई। इस वैज्ञानिक और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने अदालत में यह साबित करने में अहम भूमिका निभाई कि दोनों व्यक्तियों की मृत्यु कीटनाशक युक्त जहरीली शराब के सेवन से ही हुई थी।
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 19 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। यद्यपि इस वारदात का कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद नहीं था, परंतु गवाहों के सुसंगत बयानों, पुलिस द्वारा जब्त की गई सामग्रियों और फॉरेंसिक लैब की अचूक वैज्ञानिक रिपोर्टों से बने मजबूत परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी के अपराध को पूरी तरह सिद्ध माना। इसके बाद प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने ग्राम भठली निवासी 34 वर्षीय दोषी रामगोपाल खुंटे को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत दोषी करार देते हुए दोहरी आजीवन कारावास की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।