Janjgir-Champa News: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- जांजगीर-चांपा। जिले में एक शिक्षिका के सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शिक्षिका निर्मला कोमल लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू होने के बाद सामने आए एक वीडियो को लेकर की गई है।बताया गया है कि वीडियो में शिक्षिका द्वारा शासकीय नियमों और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग के स्तर पर मामले की जांच और रिपोर्ट की प्रक्रिया शुरू हुई।
ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षिका का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कथित तौर पर सरकारी नियमों और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों पर टिप्पणी की गई थी। मामला सामने आने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया।जांजगीर-चांपा शिक्षिका निलंबित किए जाने की कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और शिक्षिका के आचरण को देखते हुए मामले को लोक शिक्षण संचालनालय के स्तर पर आगे बढ़ाया गया।
सिविल सेवा आचरण नियमों का हवाला
लोक शिक्षण संचालनालय ने निलंबन आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियमों के उल्लंघन का हवाला दिया है। विभाग के अनुसार सरकारी कर्मचारी के लिए तय आचरण नियमों का पालन करना जरूरी है।इसी आधार पर शिक्षिका निर्मला कोमल लहरे के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। जांजगीर-चांपा शिक्षिका निलंबित मामले में जारी आदेश के अनुसार निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
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जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान शिक्षिका का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जांजगीर-चांपा निर्धारित किया गया है। इसका मतलब है कि निलंबन की अवधि में शिक्षिका का प्रशासनिक मुख्यालय यही कार्यालय रहेगा।विभागीय नियमों के अनुसार निलंबन के दौरान संबंधित कर्मचारी को निर्धारित प्रक्रिया और शर्तों के तहत मुख्यालय पर उपस्थित रहना पड़ सकता है। मामले में आगे की विभागीय प्रक्रिया भी नियमों के अनुसार जारी रह सकती है।
जीवन निर्वाह भत्ते की भी पात्रता
निलंबन अवधि के दौरान शिक्षिका को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलने की पात्रता होगी। यह भुगतान संबंधित सेवा नियमों के तहत किया जाएगा।इस तरह जांजगीर-चांपा शिक्षिका निलंबित किए जाने के साथ विभाग ने उनके मुख्यालय और निलंबन अवधि में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी आदेश में स्थिति स्पष्ट की है।
3 सितंबर को जारी हुआ आदेश
शिक्षिका के खिलाफ निलंबन का आदेश लोक शिक्षण संचालक रितुराज रघुवंशी ने 3 सितंबर 2026 को जारी किया। यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर की गई है।विभाग की इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में सोशल मीडिया पर सरकारी नियमों और अधिकारियों के निर्देशों को लेकर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने के मामलों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।फिलहाल शिक्षिका का निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू है और निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जांजगीर-चांपा रहेगा। मामले में आगे की कार्रवाई विभागीय नियमों के तहत की जाएगी।






