रायगढ़ : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसले में कहा है कि किसी महिला का हाथ पकड़कर उसे खींचना और “I Love You” कहना उसकी मर्यादा का उल्लंघन है। कोर्ट ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं द्वारा इस तरह का व्यवहार अत्यंत आपत्तिजनक बताया।
आरोपी और मामला
जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी ने रायगढ़ जिले के भूदेवपुर थाना के मामले की सुनवाई की। आरोपी उस समय 19 साल का था और स्कूल से लौट रही छात्रा का हाथ पकड़कर उसे खींचने और कथित तौर पर “I Love You” कहने के आरोप में दोषी पाया गया। आरोपी के खिलाफ आईपीसी और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई थी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट की सजा
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को दो अलग-अलग धाराओं में तीन-तीन साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, आरोपी ने हाई कोर्ट में सजा कम करने की अपील की।
हाई कोर्ट ने सजा में की कमी
हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया कि पीड़िता की उम्र साबित न होने के कारण आरोपी की सजा को घटाकर केवल 1 वर्ष की सजा कर दिया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रकार का व्यवहार सामाजिक और नैतिक दृष्टि से गलत है और युवाओं को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए।
समाज और कानून के लिए संदेश
हाई कोर्ट का यह निर्णय ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है। न्यायपालिका ने स्पष्ट किया कि किसी भी महिला की मर्यादा का उल्लंघन अपराध है और कानून के अनुसार इसका दंड निश्चित है।











