CG News: बिलासपुर/रायपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां दुनिया में नई संभावनाओं के दरवाजे खोल रहा है, वहीं अब इसका दुरुपयोग कर लोगों को बदनाम करने और कथित तौर पर ब्लैकमेल करने के मामले भी सामने आने लगे हैं। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने ऐसे ही एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। आरोप है कि AI तकनीक के जरिए तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक और भ्रामक खबरें तैयार की गईं और फिर उन्हें न्यूज पोर्टल तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
इस मामले में निजी न्यूज पोर्टल के संचालक दीपक टंडन उर्फ अंबेडकर टंडन को पुलिस ने रायपुर से गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि यही दीपक टंडन कुछ समय पहले DSP कल्पना वर्मा से जुड़े हाई-प्रोफाइल विवाद को लेकर भी सुर्खियों में आए थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे मामले ने एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है।
AI से तस्वीरों में छेड़छाड़ कर खबरें फैलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, इस मामले की शिकायत बिलासपुर के तिफरा स्थित महाराणा प्रताप नगर निवासी मणीशंकर पांडेय ने दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दीपक टंडन ने AI तकनीक का दुरुपयोग करते हुए उनकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की।
इसके बाद कथित तौर पर आपत्तिजनक, भ्रामक और अपमानजनक शीर्षकों के साथ खबरें अपने न्यूज पोर्टल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित की गईं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम का उद्देश्य उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना और उन्हें ब्लैकमेल करना था।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। डिजिटल माध्यम से प्रकाशित सामग्री और उससे जुड़े तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया।
29 अक्टूबर को दर्ज हुई थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को मणीशंकर पांडेय ने सिरगिट्टी थाने में दीपक टंडन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में AI के माध्यम से तस्वीरों से छेड़छाड़, आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित करने और कथित ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।मामले की गंभीरता को देखते हुए DIG और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सिरगिट्टी पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई।
रायपुर के अपार्टमेंट से पुलिस ने दबोचा
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की लोकेशन रायपुर में मिली। इसके बाद सिरगिट्टी पुलिस की टीम ने न्यू राजेंद्र नगर स्थित रजत प्राइम अपार्टमेंट में दबिश दी और दीपक टंडन को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस के मुताबिक, इन मोबाइल फोन में कई आपत्तिजनक फोटो, वीडियो और ऑडियो क्लिप मिली हैं। अब इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे मामले से जुड़े तथ्यों और अन्य संभावित लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
DSP कल्पना वर्मा विवाद से भी जुड़ा है नाम
दीपक टंडन की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर DSP कल्पना वर्मा से जुड़ा पुराना विवाद चर्चा में आ गया है। दरअसल, कुछ समय पहले दीपक टंडन ने DSP कल्पना वर्मा को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था।
अब AI के जरिए तस्वीरों से कथित छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग के मामले में गिरफ्तारी के बाद दीपक टंडन का नाम फिर चर्चा में है। हालांकि, दोनों मामलों की जांच और कानूनी पहलुओं को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर देखा जाना जरूरी है।
अब पुलिस खंगाल रही डिजिटल नेटवर्क
फिलहाल पुलिस जब्त किए गए दोनों मोबाइल फोन की जांच कर रही है। इनमें मिली फोटो, वीडियो और ऑडियो क्लिप की वास्तविकता, उनके स्रोत और इस्तेमाल की परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा।
साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री तैयार करने और उसे प्रसारित करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। इस पूरे मामले में डिजिटल साक्ष्य अहम साबित हो सकते हैं।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह पूरा मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा डिजिटल नेटवर्क भी सक्रिय है? पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।