बिलासपुर। Nishaanebaz.com-VSK App Attendance Controversy: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था को पारदर्शी और अनुशासित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों और कर्मचारियों को मोबाइल एप पर ऑनलाइन हाजिरी (Online Attendance) दर्ज न कराना भारी पड़ गया है। बिलासपुर जिले के ऐसे 33 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
DPI ने थमाई 33 कर्मचारियों की सूची, 15 दिनों में मांगी विस्तृत जांच रिपोर्ट
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने वीएसके एप (VSK App) पर नियमित उपस्थिति दर्ज न कराने और लगातार दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने को बेहद गंभीरता से लिया है। डीपीआई ने बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को 33 लापरवाह कर्मचारियों की सूची भेजकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि मामले की गहराई से जांच कर 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र (Charge Sheet) और आवश्यक दस्तावेजों सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
इन विकासखंडों के शिक्षक और कर्मचारी आए कार्रवाई की जद में
डीपीआई द्वारा जारी इस जांच सूची में जिले के बिल्हा, तखतपुर, कोटा और मस्तूरी विकासखंड के प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पदस्थ शिक्षक, प्रधान पाठक और गैर-शिक्षण कर्मचारी शामिल हैं।
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बिल्हा विकासखंड: रामगोपाल मरावी, रामपाल देव खाटकर, दिनेश कुमार जायसवाल (स्वामी आत्मानंद स्कूल), गौरव निर्णयाक, उमेद राम सूर्यवंशी, शिव कुमार यादव और रामावतार द्विवेदी।
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तखतपुर विकासखंड: सुनीता देवांगन, प्रकाश चंद्र दुबे, वंदना कश्यप, खोरबहरा राम साहू, सुनील कुमार बंजारे, उषा यादव, अरविंद कुमार सागर और भावना चौहिकर।
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कोटा विकासखंड: पुरुषोत्तम कुमार चंद्रा, शांतनु कुमार मेश्राम, रणजीत कुमार बैगा, संतोष भारद्वाज, भोजराज सिंह, संतोष कुमार बंजारे, अनिल कुमार शर्मा, नन्दू राम निषाद, संतराम बैगा, छवि प्रधान और शिवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव।
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मस्तूरी विकासखंड: प्रमिला मगात सूर्या, शशीभूषण सिंह, सुरेश कुमार दिनकर, रवि सिंह ठाकुर, कैलाश कुमार जायसवाल, मीनाक्षी दुबे और दीपक कुमार मिंज।
अनुशासनहीनता मानकर कठोर सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी शासकीय विद्यालयों में अध्यापन और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी के लिए VSK एप के माध्यम से हाजिरी अनिवार्य की है। इसके बावजूद निर्देशों का पालन न करने को विभाग ने गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना है। विभागीय पत्र में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 व 7 तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत दंडात्मक कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।
मामले की पुष्टि करते हुए बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पाण्डेय ने बताया कि डीपीआई से प्राप्त सूची के आधार पर सभी संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। उनसे जवाब तलब कर जांच की जा रही है और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई तय होगी।